उत्तराखंड

शुद्धीकरण मामले में राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें

nidhi
31 Aug 2026 8:02 AM IST
शुद्धीकरण मामले में राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें
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शुद्धीकरण विवाद

हल्द्वानी: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर दिए गए राहुल गांधी के बयान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को जातिगत रंग दिया और इसे छुआछूत से जोड़कर पेश किया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा समिति से जुड़े अमित कुमार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। अमित कुमार ने खुद को अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य बताया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी के बयान से अनुसूचित जाति से जुड़े उन लोगों की भावनाएं आहत हुईं जो रामलीला मैदान में सफाई और धार्मिक अनुष्ठान में शामिल थे। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 299 के साथ एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1) लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
विवाद की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार कार्यक्रम के बाद मैदान में कूड़ा-कचरा और अन्य सामग्री पड़ी थी। इसके बाद 11 अगस्त को मैदान की सफाई के साथ धार्मिक अनुष्ठान और हवन किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसका उद्देश्य किसी जाति या व्यक्ति का अपमान करना नहीं था। दूसरी ओर कांग्रेस ने इस अनुष्ठान को मल्लिकार्जुन खरगे से जोड़ते हुए सवाल उठाए। राहुल गांधी ने 29 अगस्त को इस मुद्दे पर कहा था कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद स्थल का कथित शुद्धीकरण करना छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के बयान के बाद सफाई और धार्मिक अनुष्ठान में शामिल लोगों को सोशल मीडिया पर जातिवादी और दलित विरोधी बताया जाने लगा। इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सुरक्षा प्रभावित हुई। इसी आधार पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई थी। बाद में हल्द्वानी कोतवाली में औपचारिक एफआईआर दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई। इस मामले के बाद उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। कांग्रेस पूरे घटनाक्रम को दलित सम्मान और सामाजिक समानता से जोड़ रही है जबकि दूसरी ओर अनुष्ठान से जुड़े लोगों का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मैदान की सफाई और धार्मिक मर्यादा से संबंधित था। अब पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
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