उत्तराखंड

उत्तराखंड में राहुल का चुनावी शंखनाद, कार्यकर्ताओं में जोश

Saba Naaz
17 July 2026 3:12 PM IST
उत्तराखंड में राहुल का चुनावी शंखनाद, कार्यकर्ताओं में जोश
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उत्तराखंड: चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तराखंड के दौरे पर पहुंचे। देहरादून पहुंचने के बाद उन्होंने छात्रों और युवाओं से संवाद करने का कार्यक्रम रखा। कांग्रेस इस दौरे को राज्य में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देख रही है।

राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब उत्तराखंड में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। कांग्रेस की रणनीति है कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाकर भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल तैयार किया जाए। पार्टी का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं में नाराजगी है, जिसे वह चुनावी मुद्दा बनाना चाहती है।

राहुल गांधी शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे देहरादून एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उनका कार्यक्रम छात्रों और युवाओं के साथ संवाद का रहा। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी युवाओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझेंगे और सरकार की नीतियों पर अपनी बात रखेंगे।

कांग्रेस की नजर खास तौर पर युवा मतदाताओं पर है। पार्टी का मानना है कि युवा वर्ग चुनाव में बड़ी भूमिका निभाता है और यही वर्ग राजनीतिक माहौल बनाने में भी महत्वपूर्ण होता है। राहुल गांधी अपने संवाद कार्यक्रम के जरिए युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेंगे।

उत्तराखंड में नीट और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा कांग्रेस लगातार उठाती रही है। पार्टी इन मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधती रही है। कांग्रेस का कहना है कि युवाओं को रोजगार और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की जरूरत है, जबकि सरकार इन मुद्दों पर विफल रही है। राहुल गांधी अपने दौरे में इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं।

राहुल गांधी का यह दौरा चुनावी वर्ष में कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इससे पहले जून महीने में भी राहुल गांधी उत्तराखंड आए थे। उन्होंने अल्मोड़ा में चुनावी सभा और पौड़ी में पूर्व सैनिकों को संबोधित करने का कार्यक्रम रखा था। हालांकि खराब मौसम के कारण उनका दौरा प्रभावित हुआ था और वह कई कार्यक्रमों में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाए थे। उन्होंने मोबाइल फोन के जरिए लोगों को संबोधित किया था।

करीब एक महीने दस दिन बाद हो रहे इस दौरे को कांग्रेस उत्तराखंड में चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत के रूप में देख रही है। पार्टी की कोशिश है कि राज्य में भाजपा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी माहौल बनाया जाए। कांग्रेस लंबे समय से यह दावा करती रही है कि सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ रहा है।

राहुल गांधी अपने दौरे के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे। इस बैठक को संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तराखंड कांग्रेस में गुटबाजी और आपसी मतभेद लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। राहुल गांधी नेताओं को एकजुट होकर चुनाव की तैयारी करने का संदेश दे सकते हैं।

कांग्रेस के सामने संगठन को लेकर भी कई चुनौतियां हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को जिम्मेदारी संभाले हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन अभी तक नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है। चुनावी वर्ष में संगठन की सक्रियता बढ़ाना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा कांग्रेस के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक ओर पार्टी युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर संगठन में एकजुटता लाकर चुनावी मुकाबले के लिए तैयार होना चाहती है।

भाजपा जहां अपने विकास कार्यों और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी रणनीति बना रही है। राहुल गांधी का यह दौरा आने वाले चुनावी संघर्ष की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।

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