
ऋषिकेश। गंगा में मंगलवार से एक बार फिर राफ्टिंग गतिविधियां शुरू हो गई हैं। पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम, लगातार बारिश और गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण राफ्टिंग पर रोक लगाई गई थी। अब परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद राफ्टिंग शुरू कर दी गई है, जिससे इससे जुड़े कारोबारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है। कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले सप्ताहांत में बड़ी संख्या में पर्यटक राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचेंगे।
गंगा में राफ्टिंग का सीजन आमतौर पर सितंबर से जून तक चलता है। इस दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक साहसिक पर्यटन का आनंद लेने के लिए ऋषिकेश पहुंचते हैं। इस साल राफ्टिंग सीजन 24 सितंबर से शुरू हुआ था। शुरुआत के दो दिनों तक राफ्टिंग गतिविधियां सामान्य रूप से चलीं, लेकिन 26 सितंबर को मौसम बिगड़ने के बाद दोपहर से राफ्टिंग पर रोक लगा दी गई।
लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया था। इसके साथ ही मौसम को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राफ्टिंग गतिविधियों को रोकना जरूरी माना गया। जलस्तर बढ़ने से नदी का प्रवाह तेज हो जाता है और ऐसे में राफ्टिंग करना जोखिम भरा हो सकता है।
राफ्टिंग बंद होने के कारण इससे जुड़े कारोबारियों को आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ा। ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में राफ्टिंग कंपनियां, गाइड, वाहन चालक, होटल, कैंप और अन्य पर्यटन व्यवसाय राफ्टिंग सीजन पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में सीजन की शुरुआत में ही गतिविधियां बंद होने से कारोबारियों की चिंता बढ़ गई थी।
अब मौसम में सुधार और गंगा का जलस्तर सामान्य होने के बाद राफ्टिंग शुरू होने से कारोबारियों में उत्साह है। मंगलवार से पर्यटकों को दोबारा गंगा में राफ्टिंग कराने की अनुमति मिल गई। राफ्टिंग संचालकों ने अपने उपकरणों की जांच के साथ गतिविधियां शुरू कर दी हैं।
कारोबारियों का कहना है कि राफ्टिंग शुरू होने की सूचना मिलते ही पर्यटकों की ओर से बुकिंग और पूछताछ बढ़ने लगी है। आने वाला सप्ताहांत पर्यटन कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में पर्यटक ऋषिकेश पहुंच सकते हैं।
ऋषिकेश को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है। यहां गंगा में राफ्टिंग पर्यटकों के बीच सबसे लोकप्रिय गतिविधियों में से एक है। हर साल राफ्टिंग सीजन के दौरान हजारों पर्यटक विभिन्न राफ्टिंग रूट पर रोमांच का अनुभव करते हैं।
राफ्टिंग के लिए अलग-अलग दूरी और कठिनाई वाले रूट उपलब्ध रहते हैं। पर्यटक अपनी क्षमता और अनुभव के आधार पर रूट चुनते हैं। राफ्टिंग संचालक लाइफ जैकेट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराते हैं। प्रशिक्षित गाइड के साथ ही पर्यटकों को नदी में उतारा जाता है।
हालांकि मौसम और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाती है। यदि नदी का बहाव तेज हो या मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी जारी हो तो सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राफ्टिंग गतिविधियां बंद कर दी जाती हैं। 26 सितंबर को भी इसी कारण राफ्टिंग रोक दी गई थी।
इस बार सीजन शुरू होने के केवल दो दिन बाद ही गतिविधियां बंद होने से पर्यटन कारोबार को झटका लगा था। कई पर्यटक पहले से बुकिंग कर चुके थे, लेकिन राफ्टिंग बंद होने के कारण उन्हें कार्यक्रम बदलना पड़ा। कुछ लोगों ने राफ्टिंग की तारीख आगे बढ़ाई तो कुछ ने अपनी यात्रा योजना में बदलाव किया।
अब राफ्टिंग दोबारा शुरू होने के बाद होटल और कैंप संचालकों को भी अच्छी बुकिंग मिलने की उम्मीद है। राफ्टिंग के साथ पर्यटक ऋषिकेश में गंगा आरती, योग, ट्रैकिंग और अन्य पर्यटन गतिविधियों का भी आनंद लेते हैं। इससे स्थानीय बाजार और परिवहन व्यवसाय को भी फायदा मिलता है।
राफ्टिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर से पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ती है। मौसम सुहावना होने के कारण इस अवधि को राफ्टिंग के लिए बेहतर माना जाता है। यदि मौसम सामान्य रहा तो आने वाले दिनों में पर्यटन गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।
राफ्टिंग शुरू होने के साथ सुरक्षा नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया जा रहा है। पर्यटकों को लाइफ जैकेट और हेलमेट पहनने, गाइड के निर्देशों का पालन करने और राफ्टिंग के दौरान किसी तरह की लापरवाही नहीं करने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा राफ्टिंग संचालकों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही गतिविधियां संचालित करनी होती हैं। खराब मौसम या नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन जरूरी होता है।
गंगा में राफ्टिंग ऋषिकेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। इससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है। राफ्टिंग गाइड, होटल कर्मचारी, वाहन चालक, कैंप संचालक और छोटे दुकानदार भी इस गतिविधि से जुड़े हुए हैं।
राफ्टिंग कारोबारियों को उम्मीद है कि इस सप्ताहांत पर्यटकों की अच्छी संख्या देखने को मिलेगी। मौसम सामान्य रहने पर अक्टूबर में कारोबार तेजी पकड़ सकता है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है।
फिलहाल गंगा में राफ्टिंग दोबारा शुरू होने से पर्यटन कारोबार में उत्साह लौट आया है। 26 सितंबर से लगी रोक हटने के बाद पर्यटक एक बार फिर नदी में रोमांच का आनंद ले सकेंगे। कारोबारियों की नजर अब आने वाले सप्ताहांत पर है, जब ऋषिकेश में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।





