उत्तराखंड

कैंची धाम में जाम से राहत की तैयारी, अजय टम्टा ने दिए निर्देश

nidhi
11 Oct 2026 10:43 AM IST
कैंची धाम में जाम से राहत की तैयारी, अजय टम्टा ने दिए निर्देश
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कैंची धाम में अलग होंगे प्रवेश-निकास रास्ते

हल्द्वानी : कैंची धाम दर्शन का समय बदलने पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने मंदिर को सुबह 6 बजे के बजाय 4 बजे खोलने की संभावना पर काम करने और श्रद्धालुओं के प्रवेश व निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने के निर्देश दिए हैं। यह प्रस्ताव कैंची धाम में बढ़ती भीड़ और सड़क पर लगने वाले लंबे जाम को देखते हुए दिया गया है।

कैंची धाम दर्शन का समय बदलेगा? अजय टम्टा ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम को देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने 10 अक्टूबर को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें मंदिर के दर्शन का समय सुबह 6 बजे से बदलकर 4 बजे करने की संभावना पर काम करने, पार्किंग बढ़ाने और वैकल्पिक मार्ग विकसित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मंदिर को सुबह 4 बजे खोलने का अंतिम निर्णय अभी घोषित नहीं किया गया है। फिलहाल अधिकारियों को इस संभावना पर काम करने और दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुबह 4 बजे खुल सकता है कैंची धाम
कैंची धाम में सामान्य दिनों के मुकाबले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से दर्शन और यातायात प्रबंधन चुनौती बन गया है। इसी को देखते हुए अजय टम्टा ने मंदिर को सुबह 6 बजे के बजाय 4 बजे खोलने की संभावना पर विचार करने को कहा। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही को अधिक समय में व्यवस्थित करने और मंदिर के आसपास सड़क पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। मंत्री ने मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने पर भी जोर दिया। मंदिर से बाहर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की दिशा में अलग मार्ग तैयार करने के लिए मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय करने को कहा गया। इसका उद्देश्य मंदिर के सामने सड़क पर भीड़ और वाहनों की आवाजाही से होने वाली परेशानी को कम करना है।
निगलाट में बनेगी पार्किंग, होगा सर्वे
कैंची धाम के पास पार्किंग की उपलब्धता बढ़ाने के लिए निगलाट क्षेत्र में वन विभाग की नर्सरी की खाली जमीन पर पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और वन विभाग को संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं के वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने की समस्या कम हो सकती है। इससे यातायात का प्रवाह बनाए रखने और मंदिर के आसपास जाम की स्थिति नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा भवाली से कैंची धाम तक सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव जल्द तैयार करने को कहा गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क की सीमित चौड़ाई और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण भी जाम की समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैकल्पिक रास्तों को विकसित करने की तैयारी
बैठक में कैंची धाम तक पहुंचने वाले मार्गों के अलावा आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को क्वारब से तल्ला रामगढ़ मार्ग को दो लेन करने और कैंची धाम से हरतप्पा तक वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सैनिटोरियम से पाटलीगांव तक सड़क की मरम्मत तथा पाटलीगांव से रातीघाट मार्ग की खराब स्थिति सुधारने पर भी जोर दिया गया। इन मार्गों को बेहतर बनाने का उद्देश्य वैकल्पिक रास्तों से वाहनों की आवाजाही को सुचारु करना है। अजय टम्टा ने पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए ज्योलीकोट मार्ग का उपयोग बढ़ाने के निर्देश भी दिए। अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जैसे क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को कैंची धाम के पास लगने वाले जाम से परेशानी होती है। वैकल्पिक मार्गों के उपयोग से ऐसे यातायात को मंदिर के सामने से गुजरने वाली सड़क पर निर्भर रहने से बचाया जा सकता है।
रानीबाग और गुलाबघाटी में भी यातायात सुधारने पर जोर
बैठक में रानीबाग के भीमताल-नैनीताल तिराहे पर लगने वाले जाम का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों को यहां वैली ब्रिज बनाने की संभावनाओं का संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा गया। इसके साथ गुलाबघाटी के चौड़ीकरण का प्रस्ताव जल्द स्वीकृत कराकर काम शुरू करने पर जोर दिया गया। गौलापार-लालकुआं बाईपास को लेकर मंत्री ने बताया कि इसके टेंडर हो चुके हैं और निर्माण पूरा करने का लक्ष्य डेढ़ साल रखा गया है। यह परियोजना भी क्षेत्र में यातायात के दबाव को कम करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
श्रद्धालुओं से की गई खास अपील
अजय टम्टा ने आम लोगों और श्रद्धालुओं से पर्वतीय मार्गों पर वाहन खड़े नहीं करने और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की। उन्होंने यातायात नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने को भी कहा। बैठक में पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कैंची धाम में दर्शन का समय बदलने, अलग प्रवेश-निकास मार्ग बनाने और नई पार्किंग विकसित करने से जुड़े प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों की रिपोर्ट और निर्णयों के आधार पर होगी।
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