उत्तराखंड

कैंची धाम में जाम से राहत की तैयारी, प्री-बुकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश

Kavita2
6 Oct 2026 4:28 PM IST
कैंची धाम में जाम से राहत की तैयारी, प्री-बुकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश
x

नैनीताल। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण विकराल होती जाम की समस्या को लेकर प्रशासन ने अब ठोस कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर धाम में प्री-बुकिंग व्यवस्था शुरू करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने डीएम और एसएसपी को इस संबंध में तत्काल प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण सभागार में हुई बैठक में प्रशासन, पुलिस, पर्यटन विभाग, अन्य संबंधित विभागों और पर्यटन कारोबारियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य विषय कैंची धाम में बढ़ती भीड़ और उससे पैदा हो रही यातायात संबंधी परेशानियां रहीं।

विशेष रूप से गांधी जयंती के आसपास तीन दिन के वीकेंड में कैंची धाम क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण सड़कों पर लंबा जाम लग गया और स्थानीय लोगों, पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी अनुभव को देखते हुए प्रशासन अब भविष्य के लिए स्थायी और व्यवस्थित समाधान तलाश रहा है।

कुमाऊं आयुक्त ने कहा कि कैंची धाम की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। इसलिए केवल अस्थायी ट्रैफिक व्यवस्था के भरोसे स्थिति संभालना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन के लिए पहले से योजना बनाना जरूरी है।

इसी क्रम में प्री-बुकिंग व्यवस्था शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसके तहत श्रद्धालुओं की संभावित संख्या का पहले से अनुमान लगाया जा सकेगा और प्रशासन उसी अनुसार यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की योजना बना सकेगा।

यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक ही समय पर कैंची धाम पहुंचने की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इससे जाम की समस्या कम करने के साथ ही श्रद्धालुओं की यात्रा को भी व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

कुमाऊं आयुक्त ने जिलाधिकारी और एसएसपी से कहा कि प्री-बुकिंग व्यवस्था के सभी पहलुओं का अध्ययन कर जल्द प्रस्ताव शासन को भेजा जाए। प्रस्ताव में तकनीकी व्यवस्था, पंजीकरण की प्रक्रिया, श्रद्धालुओं की संख्या और स्थानीय सुविधाओं की क्षमता जैसे बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है।

बैठक में कैंची धाम के आसपास चल रहे होटल और होमस्टे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। आयुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में संचालित होटल और होमस्टे को नियमों के दायरे में लाया जाए और उनकी नियमित जांच की जाए।

उन्होंने कहा कि पर्यटन कारोबार से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों का संचालन तय मानकों के अनुसार होना चाहिए। इससे न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि प्रशासन के पास भी यह स्पष्ट जानकारी रहेगी कि क्षेत्र में कितने होटल, होमस्टे और अन्य प्रतिष्ठान चल रहे हैं।

रेस्टोरेंट में रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से खाने-पीने के सामान के मनमाने दाम न वसूले जाएं।

आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक रेस्टोरेंट और भोजनालय में स्पष्ट रूप से रेट लिस्ट लगाई जानी चाहिए। इससे ग्राहकों को पहले से कीमतों की जानकारी रहेगी और विवाद की संभावना भी कम होगी।

वीकेंड के दौरान भीड़ बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इन टीमों का काम ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग, होटल-होमस्टे संचालन, रेस्टोरेंट की दरों और सार्वजनिक व्यवस्था पर नजर रखना होगा। खासकर शनिवार, रविवार और लगातार छुट्टियों के दौरान निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।

बैठक में पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। कैंची धाम में सीमित स्थान और बढ़ते वाहनों के कारण पार्किंग एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।

प्रशासन को ऐसे स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए जा सकते हैं, जहां अतिरिक्त वाहनों को रोका जा सके और वहां से श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से धाम तक पहुंचाया जा सके।

ट्रैफिक डायवर्जन और वाहनों की चरणबद्ध आवाजाही भी भविष्य की योजना का हिस्सा हो सकती है। यदि प्री-बुकिंग व्यवस्था लागू होती है तो श्रद्धालुओं के साथ वाहनों की संख्या को भी नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

कुमाऊं आयुक्त ने साफ किया कि कैंची धाम में धार्मिक पर्यटन बढ़ना सकारात्मक बात है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा और स्थानीय लोगों की परेशानी के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

अत्यधिक भीड़ और जाम के कारण स्थानीय व्यापार, स्कूल, आपातकालीन सेवाएं और सामान्य यातायात भी प्रभावित होता है। इसलिए प्रशासन का फोकस केवल श्रद्धालुओं की संख्या संभालने पर नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर है।

बैठक में पर्यटन कारोबारियों से भी सुझाव लिए गए। उनसे कहा गया कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करें।

आयुक्त ने विभागों को आपसी तालमेल बढ़ाने और वीकेंड से पहले तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए। खासकर ऐसे दिनों में जब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना हो, पहले से अतिरिक्त पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की जाएगी।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण कदम प्री-बुकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव शासन को भेजना है। शासन की अनुमति मिलने के बाद इस पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

यदि प्री-बुकिंग प्रणाली लागू होती है तो कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने का रास्ता खुल सकता है।

प्रशासन को उम्मीद है कि इससे जाम, पार्किंग और अव्यवस्था की समस्या काफी हद तक नियंत्रित होगी और श्रद्धालुओं को भी बेहतर अनुभव मिलेगा।

Next Story