
Uttarakhand उत्तराखंड : भारत निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण में 19 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस चरण में उत्तराखंड में भी मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जाएगा, जो 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संपन्न होगा।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल रहें।
इस संबंध में गुरुवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार उत्तराखंड में SIR अभियान की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से संबंधित कार्य किए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार इस अभियान के दौरान बूथ स्तर पर तैनात कर्मचारी घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे और आवश्यक सुधारों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, पुराने नामों को सत्यापित करने और त्रुटियों को ठीक करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उत्तराखंड में यह अभियान प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण अभ्यास माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य की मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।
आयोग के अनुसार, इस पूरे पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जी या डुप्लीकेट नामों को हटाकर एक सटीक मतदाता डाटाबेस तैयार करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान चुनाव से जुड़े कर्मचारियों को तकनीकी और प्रक्रियात्मक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि वे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
फिलहाल, राज्य में इस अभियान की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं और प्रशासन इसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में लगा हुआ है।





