उत्तराखंड

माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी की तैयारियां तेज

Ratna Netam
12 Oct 2026 2:44 PM IST
माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी की तैयारियां तेज
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हरिद्वार। गायत्री परिवार की संस्थापक माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी के भव्य समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस विशेष आयोजन को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को हरिद्वार स्थित शांतिकुंज से तीन ज्योति कलश रथों को विधि-विधान के साथ रवाना किया गया। ये रथ दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में पहुंचकर लोगों को जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देंगे। इस यात्रा का उद्देश्य माता भगवती देवी शर्मा के विचारों, सामाजिक योगदान और जनकल्याण के संदेश को गांव-गांव तथा शहर-शहर तक पहुंचाना है।शांतिकुंज की प्रमुख आदरणीय शैल दीदी ने तीनों ज्योति कलश रथों को रवाना करने से पहले पूजा-अर्चना की। इस दौरान शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। इसके बाद रथों को निर्धारित मार्गों के लिए विदा किया गया। यात्रा के माध्यम से लोगों को जन्म शताब्दी समारोह की जानकारी देने के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया जाएगा।
शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रवाना हुए रथ
शांतिकुंज में ज्योति कलश रथों की रवानगी से पहले धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। शैल दीदी ने विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए रथों को यात्रा के लिए विदा किया। इस दौरान शंखनाद और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ आध्यात्मिक वातावरण में कार्यक्रम संपन्न हुआ।ज्योति कलश यात्रा गायत्री परिवार के जन-जागरूकता अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से जन्म शताब्दी समारोह का संदेश विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। रथों की यात्रा के लिए दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के जिलों को शामिल किया गया है।इन तीनों राज्यों और क्षेत्रों में निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए रथ गांवों, कस्बों और शहरों में लोगों से संपर्क करेंगे। इस दौरान स्थानीय नागरिकों को समारोह में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
50 से अधिक जिलों में पहुंचेगा जन्म शताब्दी समारोह का निमंत्रण
तीनों ज्योति कलश रथ दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों से होकर गुजरेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी के उद्देश्यों और निर्धारित आयोजनों के बारे में बताया जाएगा।रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य जन्म शताब्दी समारोह को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना है। इसके लिए गांवों और कस्बों में लोगों से सीधे संपर्क किया जाएगा।यात्रा के दौरान नागरिकों को समारोह की निर्धारित तारीखों, कार्यक्रमों और उनसे जुड़ी अन्य जानकारियों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही लोगों को आयोजन में शामिल होने और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण का दिया जाएगा संदेश
ज्योति कलश रथ यात्रा के दौरान महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। माता भगवती देवी शर्मा के विचारों के माध्यम से समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके सशक्तिकरण के महत्व को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।अभियान के तहत यह संदेश दिया जाएगा कि समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। परिवार और समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मान देने तथा उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।इसके साथ ही परिवारों में संस्कारों के महत्व को भी प्रमुखता दी जाएगी। यात्रा के दौरान लोगों को संस्कारवान परिवार की अवधारणा से परिचित कराया जाएगा।
सामाजिक समरसता और विकास पर रहेगा विशेष जोर
जन्म शताब्दी समारोह के प्रचार अभियान में सामाजिक समरसता और सामाजिक विकास को भी प्रमुख विषय बनाया गया है। माता भगवती देवी शर्मा के विचारों के माध्यम से समाज में आपसी सहयोग, सद्भाव और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया जाएगायात्रा के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि सामाजिक विकास के लिए सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी आवश्यक है। समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ जोड़कर रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।इस अभियान का उद्देश्य केवल जन्म शताब्दी समारोह का निमंत्रण देना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक विचारों और रचनात्मक कार्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
शाम को आयोजित होंगे सेमिनार और दीप महायज्ञ
ज्योति कलश रथ यात्रा के दौरान दिनभर जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके बाद शाम के समय विभिन्न स्थानों पर सेमिनार और दीप महायज्ञ के कार्यक्रम होंगे।सेमिनार के माध्यम से लोगों को युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा के विचारों से परिचित कराया जाएगा। इन आयोजनों में सामाजिक विकास, पारिवारिक संस्कार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।वहीं, दीप महायज्ञ के माध्यम से आध्यात्मिक और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नागरिकों को सकारात्मक विचारों से जोड़ने के साथ समाज के हित में रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित करना है।
पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों का भी होगा प्रचार
ज्योति कलश यात्रा के दौरान युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों को भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। गायत्री परिवार के इस अभियान में उनके सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को विशेष स्थान दिया गया है।कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और समाज के विकास के लिए सक्रिय भागीदारी करने का संदेश दिया जाएगा।इसके साथ ही माता भगवती देवी शर्मा के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को जन्म शताब्दी समारोह के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
28-29 अक्टूबर तक नई दिल्ली पहुंचेंगे ज्योति कलश रथ
निर्धारित यात्रा पूरी करने के बाद तीनों ज्योति कलश रथ 28 से 29 अक्टूबर तक नई दिल्ली पहुंचेंगे। इससे पहले ये दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाएंगे।यात्रा के दौरान लोगों को जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा। साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और आध्यात्मिक विचारों का प्रचार किया जाएगा।गायत्री परिवार की ओर से शुरू किया गया यह अभियान माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी समारोह की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तीनों ज्योति कलश रथों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक समारोह का संदेश पहुंचाने और उन्हें सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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