
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पत्रकारिता की आड़ में कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। खुद को एक न्यूज प्लेटफॉर्म का संचालक बताकर प्रॉपर्टी कारोबारी को झूठी खबर प्रसारित करने की धमकी देने के आरोप में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने अनुज अग्रवाल नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कारोबारी को बदनाम करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की मांग की थी। इतना ही नहीं, उसने पीड़ित से अपने बताए बैंक खाते में 50 हजार रुपये भी जमा करा लिए थे। इसके बाद भी शेष रकम के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक विशेष चैंबर वाली डायरी भी बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपी से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
प्रॉपर्टी विवाद का फायदा उठाकर मांगी रंगदारी
पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर के अनुसार, आजाद कॉलोनी माजरा निवासी तनवीर खान ने 19 अक्टूबर 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
तनवीर खान पिछले कई वर्षों से प्रॉपर्टी का कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि चांचक क्षेत्र में स्थित एक संपत्ति को लेकर उनका कुछ लोगों के साथ विवाद चल रहा है।
इसी विवाद के बीच एक व्यक्ति ने उनसे व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के माध्यम से संपर्क किया। उसने खुद को न्यूज प्लेटफॉर्म का संचालक बताते हुए संपत्ति विवाद से जुड़ी जानकारी होने का दावा किया।
आरोप है कि उसने कारोबारी से कहा कि उसके पास संपत्ति से संबंधित कुछ ऐसी खबरें हैं, जिन्हें प्रसारित करने पर उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इसके बाद खबरें प्रकाशित या प्रसारित नहीं करने के बदले पांच लाख रुपये की मांग की गई।
डराकर बैंक खाते में जमा कराए 50 हजार रुपये
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी की धमकियों से वह परेशान हो गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति लगातार फोन और मैसेज के माध्यम से उन पर रुपये देने का दबाव बना रहा था।
बदनामी और विवाद बढ़ने के डर से तनवीर खान ने आरोपी के बताए एक्सिस बैंक खाते में 50 हजार रुपये जमा करा दिए।
लेकिन रकम मिलने के बाद भी आरोपी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। वह बाकी साढ़े चार लाख रुपये देने की मांग करता रहा।
आरोप है कि शेष रकम देने से इनकार करने पर उसने कारोबारी के साथ गाली-गलौज की और उन्हें बर्बाद करने की धमकी दी।
लगातार धमकियों से परेशान होकर कारोबारी ने पुलिस की मदद लेने का फैसला किया।
व्हाट्सएप चैट और बैंक भुगतान के प्रमाण सौंपे
तनवीर खान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के दौरान आरोपी से हुई व्हाट्सएप बातचीत के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए।
इसके अलावा बैंक खाते में 50 हजार रुपये जमा कराने से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे गए।
शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पटेलनगर कोतवाली में प्राथमिकी संख्या 773/2026 दर्ज की गई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 308(4), 351(3) और 352 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
आईएसबीटी के पास से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता से प्राप्त जानकारी, व्हाट्सएप चैट और बैंक भुगतान के साक्ष्यों की जांच की।
इसके आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान अनुज अग्रवाल के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी वर्तमान में देहरादून के क्लेमेंटटाउन क्षेत्र स्थित द्वारिकापुरी में रह रहा था। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का निवासी है।
जांच के दौरान पुलिस ने उसकी गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई और 19 अक्टूबर की रात आईएसबीटी के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की और उसके कब्जे से मिले सामान की जांच की।
डायरी में मिला मोबाइल छिपाने का गुप्त चैंबर
पुलिस की कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी के कब्जे से बरामद एक डायरी को लेकर सामने आई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद हुई।
जांच के दौरान पता चला कि डायरी के भीतर एक विशेष चैंबर बनाया गया था, जिसमें मोबाइल फोन छिपाया जा सकता था।
पुलिस को आशंका है कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल लोगों के वीडियो बनाने के लिए किया जाता रहा होगा।
हालांकि, डायरी का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया और उससे कितने वीडियो रिकॉर्ड किए गए, इसकी जांच की जा रही है।
मोबाइल में मिले कई लोगों के गोपनीय वीडियो
पुलिस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई लोगों के गोपनीय रूप से बनाए गए वीडियो मिले हैं।
इन वीडियो को लेकर अब जांच का दायरा बढ़ गया है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो किन परिस्थितियों में बनाए गए और क्या उनका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को धमकाने या ब्लैकमेल करने के लिए किया गया था।
इसके अलावा वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों और उनसे जुड़े संभावित मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर के अनुसार, बरामद डिजिटल सामग्री की जांच के बाद ही उससे जुड़े तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अनुज अग्रवाल पटेलनगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है।
उसके खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी, मारपीट, अमानत में खयानत, बलवा और अन्य अपराधों से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
इसके अलावा उत्तराखंड के बाहर भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मध्य प्रदेश में चार, पंजाब में एक, ओडिशा में एक और गुजरात में एक मुकदमा दर्ज होने की सूचना है।
इन मामलों की वास्तविक स्थिति और कानूनी प्रगति जानने के लिए संबंधित राज्यों से जानकारी जुटाई जा रही है।
अन्य लोगों से ब्लैकमेलिंग की भी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने केवल तनवीर खान को निशाना बनाया था या अन्य लोगों से भी इसी तरह रुपये वसूले गए हैं।
तीन मोबाइल फोन और बरामद डायरी की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
यदि जांच में अन्य लोगों को धमकाने या उनसे रकम मांगने से संबंधित साक्ष्य मिलते हैं, तो मामले में आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस आरोपी के संपर्कों और बैंक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है।
फिलहाल अन्य संभावित पीड़ितों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग पर सवाल
इस घटना ने पत्रकारिता के नाम का इस्तेमाल करके कथित तौर पर लोगों को धमकाने और अवैध वसूली करने के मामलों पर सवाल खड़े किए हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाना और सत्यापित जानकारी जनता तक पहुंचाना है।
लेकिन किसी व्यक्ति को खबर प्रसारित करने की धमकी देकर रुपये मांगना गंभीर आपराधिक आरोप है।
हालांकि, इस मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों की अंतिम कानूनी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।





