उत्तराखंड

उत्तराखंड में 1320 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना को लेकर सियासत तेज

Kavita2
18 Sept 2026 9:25 AM IST
उत्तराखंड में 1320 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना को लेकर सियासत तेज
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देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य में प्रस्तावित 1320 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि परियोजना की निविदा प्रक्रिया में बदलाव कर एक विशेष उद्योगपति समूह को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है।

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार की नीति और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि इतनी बड़ी ऊर्जा परियोजना से जुड़े फैसलों में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने नियमों में बदलाव कर ऐसा रास्ता तैयार किया, जिससे पसंदीदा उद्योगपति को फायदा मिल सके।

कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों में उद्योगपति गौतम अडानी का नाम लिया गया है। पार्टी का आरोप है कि प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना को लेकर निविदा प्रक्रिया में बदलाव किया गया, जिससे एक विशेष समूह को फायदा पहुंचाने की स्थिति बनी। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर जवाब दिया जाना बाकी है।

प्रदेश में बिजली उत्पादन और ऊर्जा जरूरतों को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। उत्तराखंड में औद्योगिक विकास और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए नई ऊर्जा परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में 1320 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना प्रस्तावित की गई है।

कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार को ऊर्जा परियोजनाओं में सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने मांग की है कि परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज और प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए, ताकि लोगों को पूरी जानकारी मिल सके।

वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष लगातार सरकार के फैसलों को लेकर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और सरकार से जवाब मांगेगी।

ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर आमतौर पर पर्यावरण, आर्थिक लाभ, रोजगार और स्थानीय लोगों के हित जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण होते हैं। किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से पहले तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं का आकलन किया जाता है।

प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना को लेकर भी आने वाले समय में इन पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है। परियोजना की लागत, निर्माण प्रक्रिया, पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय क्षेत्र को मिलने वाले लाभ जैसे मुद्दे भी इसके साथ जुड़े हुए हैं।

कांग्रेस के आरोपों के बाद अब सभी की नजर सरकार के जवाब पर है। सरकार की ओर से यदि इस मामले में कोई स्पष्टीकरण दिया जाता है तो तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि चुनावी माहौल में राजनीतिक दल अक्सर बड़े विकास कार्यों और नीतिगत फैसलों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं। उत्तराखंड में भी ऊर्जा परियोजना को लेकर शुरू हुई बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

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