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हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी पर साफ-सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन कूड़े के ढेर सभी दावों की हवा निकाल देते हैं. कूड़े के ढेर का मुख्य कारण प्लास्टिक की चटाई है. दरअसल हर की पौड़ी पर नियमित रूप से साफ-सफाई तो होती है, लेकिन यहां आकर गंगा स्नान, मुंडन संस्कार समेत अन्य पूजा पाठ करने आने वाले श्रद्धालु प्लास्टिक की चटाई को इस्तेमाल करने के बाद इधर-उधर छोड़कर चले जाते हैं. इस वजह से हर तरफ बस कचरा ही कचरा नजर आता है.
बता दें कि प्लास्टिक की चटाई हर की पौड़ी क्षेत्र में आसानी से मिल जाती है. हालांकि नगर निगम प्रशासन प्लास्टिक की रोकथाम के लिए समय-समय पर अभियान चलाता रहता है, लेकिन हर की पौड़ी क्षेत्र में प्लास्टिक चटाई का बिकना आज तक बंद नहीं हो सका है. प्लास्टिक की चटाई को पूर्ण रूप से बंद करने का दावे करने वाला नगर निगम प्रशासन यहां फेल नजर आता है.
इस बारे में नगर निगम के अधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि समय-समय पर निगम द्वारा अभियान चलाया जाता है. प्लास्टिक की चटाई बेचने वाले हर की पौड़ी समेत कई घाटों पर घूमते रहते हैं. अभियान के दौरान कई लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है.
उन्होंने बताया कि प्लास्टिक की चटाई दुकानों पर नहीं बिकती है बल्कि कुछ लोग बैग में लेकर हर की पौड़ी समेत सभी घाटों पर घूमते रहते हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए टीम समय-समय पर कार्रवाई करती रहती है. गौरतलब है कि हर की पौड़ी पर देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए आते हैं. जबकि यहां लगे कूड़े के ढेर से हरिद्वार की एक अलग ही छवि बन जाती है.
Admin4
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