उत्तराखंड

Pithoragarh: मानसून के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार रहें अधिकारी : अजय टम्टा

Admindelhi1
20 Aug 2026 7:05 PM IST
Pithoragarh: मानसून के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार रहें अधिकारी : अजय टम्टा
x
केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने मानसून तैयारियों का लिया जायजा, सतर्कता बढ़ाने के निर्देश

पिथौरागढ़ : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने गुरुवार को पिथौरागढ़ में मानसून के दौरान प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत, बचाव एवं आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मानसून की शेष अवधि में पूरी सतर्कता और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने और आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने जनपद में सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं की स्थिति की जानकारी दी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि सभी तहसीलों में 24 घंटे आपदा नियंत्रण कक्ष संचालित किए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन तैनात किए गए हैं और संचार व्यवस्था के लिए विभिन्न स्थानों पर सैटेलाइट फोन तथा वायरलेस सेट उपलब्ध कराए गए हैं।

बैठक में बताया गया कि जनपद में 298 संवेदनशील सड़क स्थलों को चिह्नित किया गया है। मानसून के दौरान सड़क मार्गों को सुचारू रखने के लिए 145 जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए चार बैली ब्रिज भी उपलब्ध रखे गए हैं। मंत्री ने संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखने और मार्ग बंद होने की स्थिति में तत्काल मशीनरी एवं कार्मिकों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में तीन माह की अग्रिम खाद्यान्न आपूर्ति की जा चुकी है। सभी पेट्रोल पंपों पर 4,000 लीटर डीजल और 3,000 लीटर पेट्रोल का रिजर्व रखा गया है। प्रत्येक रसोई गैस भंडार में 250 सिलेंडर तथा सभी तहसीलों में 50-50 खाद्यान्न राहत किट तैयार रखी गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि जनपद में विभागीय और 108 सेवा समेत 41 एंबुलेंस उपलब्ध हैं। विभिन्न विकासखंडों में चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं तथा मानसून से होने वाले संक्रमणों से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

बैठक में बताया गया कि आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और अन्य बचाव दल तैयार रखे गए हैं। अब तक 46 खोज एवं बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 4,710 लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

हाल में हुई घटनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 19 अगस्त को पहाड़ी से आए बोल्डर की चपेट में आने से धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग पर कुलागाड़ में करीब 180 फीट लंबा बैली ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया।

टम्टा ने कहा कि पिथौरागढ़ आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिला है और मानसून के दौरान ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। डेंजर जोन और स्लोप प्रोटेक्शन की जरूरत वाले क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को शासन के मानकों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा आवागमन बाधित न हो, इसके लिए आवश्यक स्थानों पर बैली ब्रिज लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा की अंतिम वापसी यात्रा की भी निगरानी किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप बीआरओ, पीएमजीएसवाई, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।

टम्टा ने कहा कि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से पहला शैक्षणिक सत्र शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। कॉलेज की प्रयोगशाला, प्रशासनिक भवन, छात्रावास, फैकल्टी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई है। कुछ फैकल्टी उपलब्ध हो चुकी हैं और शेष की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां पूरी कर जल्द मान्यता प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में पासपोर्ट कार्यालय अगले माह तक शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग स्टेशन (एटीएमएस) को भी जल्द संचालित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक ऑटोमेटिक मशीन को वाहन पोर्टल से जोड़कर संचालन शुरू करने की कार्रवाई की जा रही है। इससे लोगों को ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंस संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी।

भारत-चीन सीमा व्यापार को लेकर टम्टा ने कहा कि कोविड महामारी के कारण लंबे समय तक व्यापार बंद रहा। अब व्यापारियों को चीन जाने की अनुमति मिली है। उन्होंने कहा कि सीमा व्यापार से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं का संज्ञान लिया गया है और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

बैठक में दर्जा राज्यमंत्री गणेश भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, नगर निगम महापौर कल्पना देवलाल, जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेएस चुफाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Next Story