
उत्तराखंड : देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस समय भावुक माहौल बन गया, जब एक स्कूली छात्रा ने मंच से खड़े होकर अपने संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण की कहानी साझा की। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे। छात्रा ने बताया कि उसने हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर गोल्ड मेडल हासिल किया है। इस उपलब्धि के बाद उसका चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
छात्रा के मुंह से अपनी उपलब्धि और संघर्ष की कहानी सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ उसका उत्साह बढ़ाया। छात्रा ने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतना उसके लिए केवल एक पदक हासिल करना नहीं था, बल्कि इसके पीछे लंबे समय की मेहनत, अभ्यास और कई चुनौतियों का सामना करना शामिल था।
राष्ट्रीय स्तर पर हासिल की बड़ी सफलता
देहरादून में सीएम साहब का युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम चल रहा था उसमें एक स्कूल की बच्ची खड़ी होती है और कहती है कि
— Saurabh (@sauravyadav1133) August 12, 2026
मैं अभी जम्मू गई थी ताईक्वांडो का नेशनल खेलने सर वहां पर मेरा गोल्ड मेडल आया था(खूब तालियां बजती हैं) फिर बच्ची आगे कहती है
वहां से मेरा इंटरनेशनल के लिए सलेक्शन… pic.twitter.com/pPWWAHRB1c
छात्रा ने बताया कि उसने हाल ही में राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग हिस्सों से खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच छात्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
गोल्ड मेडल जीतने की जानकारी सामने आते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों से उसका स्वागत किया। छात्रा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास थी क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर सफलता ने उसके लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने का रास्ता खोल दिया।
उसने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उसे अब एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश और उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका उसके लिए एक बड़ा सपना है और वह इसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करने की तैयारी में है।
सीएम धामी के सामने साझा किया अनुभव
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी के दौरान छात्रा ने खड़े होकर अपनी बात रखी। उसने अपने अनुभव और उपलब्धि के बारे में बताया। छात्रा की बात सुनकर वहां मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हो गया।
छात्रा ने बताया कि खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उसे लगातार अभ्यास करना पड़ा। पढ़ाई के साथ खेल को समय देना और प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी करना आसान नहीं था। इसके बावजूद उसने मेहनत जारी रखी और राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।
उसकी कहानी सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उसका हौसला बढ़ाया। तालियों की गड़गड़ाहट ने छात्रा के उत्साह को और बढ़ा दिया। इस दौरान उसके चेहरे पर अपनी उपलब्धि की खुशी साफ नजर आई।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
छात्रा की उपलब्धि के पीछे उसके संघर्ष की कहानी भी जुड़ी है। ताइक्वांडो जैसे खेल में सफलता हासिल करने के लिए शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और लगातार अभ्यास की जरूरत होती है। प्रतियोगिताओं में जीत के लिए खिलाड़ी को लंबे समय तक प्रशिक्षण लेना पड़ता है।
छात्रा ने बताया कि उसने तमाम चुनौतियों के बावजूद अभ्यास नहीं छोड़ा। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरने से पहले उसने अपनी तकनीक और फिटनेस पर लगातार काम किया। मुकाबलों के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखना भी उसके लिए महत्वपूर्ण रहा। अंततः उसकी मेहनत रंग लाई और उसने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बढ़ा उत्साह
राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने के बाद छात्रा के लिए अब अगली चुनौती अंतरराष्ट्रीय मंच है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अलग-अलग देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऐसे में वहां मुकाबला और अनुभव दोनों राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तुलना में अलग स्तर का होगा।
छात्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका उसके लिए गौरव की बात है। वह इस अवसर को पूरी गंभीरता से लेते हुए अपनी तैयारियों को और मजबूत करना चाहती है। उसका लक्ष्य बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के लिए पदक जीतना है।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन की जरूरत
छात्रा की कहानी इस बात को भी सामने लाती है कि छोटे शहरों और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने की है। जब खिलाड़ियों को उचित मंच मिलता है तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
ताइक्वांडो जैसे खेलों में लगातार मेहनत और अनुशासन की जरूरत होती है। ऐसे में कम उम्र में खिलाड़ियों का इस दिशा में आगे बढ़ना न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य और देश के लिए भी नई प्रतिभाओं को तैयार करने का अवसर देता है।
छात्रा की उपलब्धि ने बढ़ाया हौसला
देहरादून के कार्यक्रम में छात्रा की कहानी सुनने के बाद माहौल में उत्साह और भावुकता दोनों दिखाई दी। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की उसकी यात्रा ने वहां मौजूद लोगों को प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री के सामने अपने संघर्ष और उपलब्धि को साझा करने वाली छात्रा ने यह संदेश दिया कि मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। अब उसकी नजर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता पर है, जहां वह अपने प्रदर्शन के जरिए नई पहचान बनाने की कोशिश करेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए जगह बनाना छात्रा के खेल करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उसकी उपलब्धि न केवल उसके परिवार और स्कूल के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उत्तराखंड के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।





