उत्तराखंड

Pauri Garhwal: सीता सर्किट से पौड़ी की धार्मिक पर्यटन क्षमता को मिलेगी नई पहचान

Admindelhi1
21 Aug 2026 6:16 PM IST
Pauri Garhwal: सीता सर्किट से पौड़ी की धार्मिक पर्यटन क्षमता को मिलेगी नई पहचान
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पौड़ी में धार्मिक पर्यटन को मिलेगी रफ्तार, सीता सर्किट से बढ़ेंगी संभावनाएं

पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने के लिए सीता सर्किट के विकास की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री घोषणा के तहत प्रस्तावित सीता सर्किट को धरातल पर उतारने के लिए शुक्रवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय हितधारकों के साथ बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की। सर्किट के पहले चरण के लिए 78 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

सीता सर्किट में सितोनस्यूं पट्टी का विदाकुटी मंदिर, फलस्वाड़ी स्थित सीता माता मंदिर, कोटसाड़ा का वाल्मीकि मंदिर और देवल स्थित लक्ष्मण मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। यहां धार्मिक स्थलों के विकास के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि सीता सर्किट पौड़ी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे।

पहले चरण में मंदिर परिसरों में रामायण से जुड़े प्रसंगों को म्यूरल, वॉल म्यूरल और स्कल्पचर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा दिशा-सूचक साइनेज, वाटर एटीएम, परिक्रमा पथ, मरम्मत, रंग-रोगन और अन्य यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के इतिहास और पौराणिक महत्व की जानकारी भी सहज रूप से मिल सके। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्य मंदिरों की मूल संरचना और प्राकृतिक वातावरण को ध्यान में रखकर किए जाएं। अनावश्यक निर्माण और दिखावटी सजावट के बजाय श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने वास्तविक तस्वीरों के आधार पर डिजाइन तैयार करने तथा बेहतर थ्री-डी मॉडल और वॉक-थ्रू तैयार कराने के निर्देश दिए। सीता सर्किट के दूसरे चरण में फलस्वाड़ी सीता माता मंदिर तक संपर्क मार्ग, सड़क के लिए आवश्यक मुआवजा, देवल स्थित लक्ष्मण मंदिर में पार्किंग और सीता माता मंदिर में धर्मशाला सहित अन्य सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। भूमि संबंधी मामलों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं। कहा कि दूसरे चरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। बैठक में स्थानीय ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से भी सुझाव लिए गए। अधिकारियों ने बताया कि भूमि और अन्य औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

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