
Uttarakhand उत्तराखंड : अयोध्या में राम मंदिर के दान से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बाद अब उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे को लेकर भी इसी तरह के आरोप सामने आए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने शुक्रवार को जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहे आरोपों को गंभीरता से लेते हुए समिति ने जांच कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी।
अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित कर्मचारियों से इस मामले में जवाब मांगा गया है और उनसे सभी आवश्यक स्पष्टीकरण लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस दौरान हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर चल रहे उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें एक विशेष कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति का उल्लेख किया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं बल्कि BKTC का एक नियमित सरकारी कर्मचारी है।
मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने जानकारी दी कि जांच कमेटी को सभी उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
सीईओ ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और कर्मचारियों के आचरण नियमों के तहत सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार के अपुष्ट या भ्रामक आरोपों को सोशल मीडिया पर साझा न किया जाए। उनका कहना है कि बिना प्रमाण के फैलाए गए आरोपों से धार्मिक संस्थानों की छवि प्रभावित होती है।
इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है और मंदिर समिति ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कुल मिलाकर, बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के आरोपों ने एक बार फिर धार्मिक संस्थानों की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि BKTC ने जांच शुरू कर दी है और साफ किया है कि दोष साबित होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





