उत्तराखंड

केएमवीएन गेस्ट हाउसों को निजी हाथों में देने का विरोध

Admin Delhi 1
14 July 2023 8:16 AM GMT
केएमवीएन गेस्ट हाउसों को निजी हाथों में देने का विरोध
x

नैनीताल न्यूज़: कुमाऊं मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउसों को निजी हाथों में दिए जाने के निर्णय का कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है. इस संबंध में 18 जुलाई को मुख्यालय पर कर्मचारी संगठन की बैठक बुलाई गई है.

संयुक्त कर्मचारी महासंघ कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि निविदा में पर्यटक आवास गृह मुक्तेश्वर, पर्यटक आवास गृह सातताल, परिचय रिजॉर्ट नौकुचियाताल को पीपीपी मोड में देने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. जिसका कर्मचारी संघ विरोध करता है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूर्व में हुए समझौते के तहत निगम कर्मचारी महासंघ ने दोनों निगमों के एकीकरण से पूर्व निगम के किसी भी आवास गृह सहित इकाई को पीपीपी मोड पर नहीं देने, निगम में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करने, दोनों निगमों की वेतन विसंगति को दूर करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन सरकार ने यह समझौता तोड़ दिया है. जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कर कहा कि एक सप्ताह के भीतर निविदा को निरस्त नहीं किया गया तो आंदोलन करने को विवश होंगे. यहां वरिष्ठ उपाध्यक्ष कंचन चंदोला आदि रहे.

पार्षद ने मेयर के खिलाफ दी तहरीर

नगर निगम के वार्ड 11 के पार्षद रवि जोशी ने मेयर डॉ. जोगन्द्र रौतेला पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर सौंपी है.

रवि जोशी ने कहा कि मेयर ने रात उन्हें फोन कर धमकी दी. कहा, रात 11 बजे मेयर ने फोन कर उन्हें धमकाया. वहीं मेयर जोगेंद्र रौतेला ने आरोपों को गलत बताया है. मेयर का कहना है कि उन्होंने पार्षद से सिर्फ पद की गरिमा बनाए रखने को कहा था. सभी को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए. एसएसआई विजय मेहता ने बताया कि तहरीर में जो शिकायत की है उसमें कोई मामला नहीं बनता. उधर, विधायक सुमित हृदयेश ने मामले की निंदा करते हुए कहा कि पार्षदों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Next Story