उत्तराखंड

अब गांव में घर बैठे मिलेंगे विदेश से भेजे गए पैसे, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने Ria से मिलाया हाथ

Kavita2
31 Oct 2026 1:16 PM IST
अब गांव में घर बैठे मिलेंगे विदेश से भेजे गए पैसे, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने Ria से मिलाया हाथ
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नैनीताल। ग्रामीण भारत में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने और विदेश से आने वाले पैसों को आसानी से प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) और अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण कंपनी रिया मनी ट्रांसफर (Ria Money Transfer) ने साझेदारी की है। इस पहल के जरिए विदेशों में रहने वाले भारतीयों की ओर से देश में भेजी जाने वाली रकम को दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना आसान बनाया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन परिवारों को मिल सकता है, जिन्हें विदेश से पैसा प्राप्त करने के लिए अब तक बैंक शाखाओं या अन्य वित्तीय संस्थानों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इस साझेदारी के तहत अंतरराष्ट्रीय आवक धन हस्तांतरण (International Inward Money Transfer) सेवा को देशभर के डाकघरों के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

हालांकि, इस साझेदारी की घोषणा 19 जून 2024 को की गई थी। इसलिए इसे नई घोषित साझेदारी के बजाय पहले से शुरू की गई वित्तीय सेवा के रूप में समझना जरूरी है।

25 हजार से ज्यादा डाकघरों में शुरू हुई थी सेवा

IPPB और Ria Money Transfer के बीच हुए समझौते के तहत शुरुआत में देश के 25 हजार से अधिक डाकघरों में अंतरराष्ट्रीय आवक धन हस्तांतरण सेवा उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद डाक विभाग के नेटवर्क की मदद से इस सुविधा का विस्तार एक लाख से अधिक स्थानों तक करने का लक्ष्य रखा गया था।

इस साझेदारी का उद्देश्य केवल बड़े शहरों और कस्बों तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि दूरदराज के गांवों में रहने वाले परिवारों को भी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं से जोड़ना है।

भारत में डाक विभाग का नेटवर्क काफी व्यापक है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघर और डाक कर्मचारी लंबे समय से लोगों तक सरकारी एवं वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इसी नेटवर्क का इस्तेमाल करके विदेश से भेजी गई रकम प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है।

क्या है इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और Ria की साझेदारी?

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक संचार मंत्रालय के डाक विभाग के अंतर्गत संचालित सरकारी बैंक है। इसका उद्देश्य देश के उन क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना है, जहां पारंपरिक बैंक शाखाओं की उपलब्धता सीमित है।

दूसरी ओर, Ria Money Transfer अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमा पार धन हस्तांतरण सेवाएं प्रदान करती है। यह कंपनी Euronet Worldwide का हिस्सा है और विभिन्न देशों में पैसे भेजने तथा प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराती है।

दोनों संस्थानों की साझेदारी के तहत विदेश से भारत भेजी जाने वाली रकम को IPPB और डाकघर के नेटवर्क के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाया जाता है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपने नजदीकी डाकघर के जरिए पैसे प्राप्त करने का विकल्प मिलता है।

ग्राहकों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

इस सुविधा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि लाभार्थी को विदेश से भेजी गई पूरी रकम एक बार में निकालने की मजबूरी नहीं होती। जरूरत के अनुसार वह कुछ राशि निकाल सकता है और बाकी रकम बाद में प्राप्त कर सकता है।

IPPB के तत्कालीन प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. विश्वेश्वरन के अनुसार, इस सुविधा के तहत लाभार्थियों को रकम प्राप्त करने के लिए कोई कलेक्शन शुल्क नहीं देना होगा। धन हस्तांतरण का शुल्क विदेश से पैसे भेजने वाले व्यक्ति को Ria के माध्यम से देना होगा।

इस व्यवस्था में लाभार्थियों के लिए कुछ प्रमुख सुविधाएं शामिल हैं:

- विदेश से भारत में भेजी गई रकम प्राप्त करना।

- जरूरत के अनुसार पूरी या आंशिक राशि निकालने का विकल्प।

- उपलब्ध सुविधा के अनुसार राशि IPPB खाते में ट्रांसफर कराने का विकल्प।

- डाकघर और डाक कर्मचारियों के नेटवर्क के माध्यम से बैंकिंग सुविधा।

- लाभार्थी से रकम प्राप्त करने का कलेक्शन शुल्क नहीं लिया जाना।

इन सुविधाओं से विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों को राहत मिल सकती है, जिनके सदस्य विदेश में नौकरी या व्यवसाय करते हैं।

65 प्रतिशत ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखकर पहल

भारत की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। संचार मंत्रालय की जून 2024 की घोषणा में बताया गया था कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। कई ग्रामीण इलाकों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच की समस्या के कारण लोगों को पैसे निकालने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

विदेश में काम करने वाले भारतीयों की ओर से भेजी गई रकम ग्रामीण परिवारों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। इस पैसे का इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, इलाज, घर के खर्च और खेती-किसानी जैसी जरूरतों को पूरा करने में किया जाता है।

पहले कई परिवारों को विदेश से भेजी गई पूरी रकम निकालने के लिए बैंक या अन्य भुगतान केंद्र तक जाना पड़ता था। इससे उनका यात्रा खर्च बढ़ता था और काम छोड़कर जाने के कारण मजदूरी का नुकसान भी होता था।

IPPB और Ria की साझेदारी इस परेशानी को कम करने का प्रयास करती है। परिवार अपनी आवश्यकता के अनुसार राशि प्राप्त कर सकते हैं और शेष पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं।

डाकिया के जरिए घर तक पहुंचेंगी बैंकिंग सुविधाएं

इस योजना में डाक कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। IPPB के डोरस्टेप बैंकिंग नेटवर्क के माध्यम से ग्राहकों को उनके घर के नजदीक वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

इससे बुजुर्गों, महिलाओं और ऐसे लोगों को विशेष फायदा हो सकता है, जिनके लिए बैंक या डाकघर तक पहुंचना मुश्किल होता है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जैसी डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से भी भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाया जा सकता है।

इसके अलावा डाकघर नेटवर्क के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने और लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

वित्तीय समावेशन को मजबूत करने की दिशा में कदम

भारत में डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अपनी जरूरत के मुताबिक वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है। ऐसे में डाक विभाग का विशाल नेटवर्क इस कमी को दूर करने में उपयोगी साबित हो सकता है।

IPPB और Ria की साझेदारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे विदेश में रहने वाले भारतीयों के परिवारों को धन प्राप्त करने के अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलते हैं। साथ ही ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

आने वाले समय में डाकघरों के जरिए अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण सेवाओं का विस्तार ग्रामीण अर्थव्यवस्था और वित्तीय समावेशन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि, ग्राहकों को सुविधा का लाभ लेने से पहले अपने नजदीकी IPPB या डाकघर से सेवा की उपलब्धता, पहचान संबंधी दस्तावेज और लेनदेन की शर्तों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

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