उत्तराखंड

कार के नीचे मिली नवजात बच्ची की इलाज के दौरान मौत

Kavita2
19 Oct 2026 12:59 PM IST
कार के नीचे मिली नवजात बच्ची की इलाज के दौरान मौत
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रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। शहर की सिंह कॉलोनी स्थित चर्च रोड पर खड़ी एक कार के नीचे लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची की उपचार के दौरान मौत होने की जानकारी सामने आई है। बच्ची को गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया था। पुलिस ने बच्ची को लावारिस छोड़कर जाने के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, करीब 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने बाइक से जाने वाली दो संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।

यह घटना शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम सामने आई थी। स्थानीय लोगों को चर्च रोड पर खड़ी एक कार के नीचे कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची दिखाई दी थी। बच्ची की उम्र महज दो से तीन दिन बताई जा रही थी। उसके बाएं हाथ में कैन्युला और नाभि में क्लिप लगी हुई थी। इससे आशंका जताई गई कि जन्म के बाद बच्ची को किसी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय देखभाल मिली थी।

कार के नीचे मिली थी दो से तीन दिन की बच्ची

जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम सिंह कॉलोनी की चर्च रोड पर एक कार के पहिए के पास नवजात बच्ची लावारिस हालत में पड़ी मिली।

बच्ची कपड़े में लिपटी हुई थी। स्थानीय लोगों ने जैसे ही उसे देखा, आसपास के लोग एकत्र हो गए। बेहद कम उम्र की बच्ची को इस तरह सड़क किनारे छोड़कर जाने की घटना से लोग हैरान रह गए।

घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर आदर्श कॉलोनी चौकी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

हाथ में कैन्युला और नाभि में लगी थी क्लिप

बच्ची के मिलने के बाद उसके शरीर पर मौजूद चिकित्सकीय उपकरणों ने पुलिस का ध्यान आकर्षित किया।

उसके बाएं हाथ में कैन्युला लगा हुआ था, जिसका इस्तेमाल सामान्यतः दवा या तरल पदार्थ देने के लिए किया जाता है।

वहीं, बच्ची की नाभि में क्लिप भी लगी हुई थी। इससे उसके हाल ही में जन्म लेने की जानकारी मिल रही थी।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्ची का जन्म किस अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था और उसे वहां से कौन लेकर गया था।

जिला अस्पताल से हल्द्वानी किया गया रेफर

बच्ची को पुलिस तत्काल रुद्रपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंची। वहां चिकित्सकों ने उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की।

बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर कर दिया।

बच्ची को उच्च चिकित्सा संस्थान भेजने के पीछे उद्देश्य उसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार उपलब्ध कराना था।

बाद में उपचार के दौरान बच्ची की मौत होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारणों की विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।

उपचार के दौरान नवजात ने तोड़ा दम

मामले में सामने आई नई जानकारी के अनुसार, सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई।

जिस मासूम को स्थानीय लोगों और पुलिस ने समय रहते अस्पताल पहुंचाया था, उसे चिकित्सकीय उपचार के बावजूद बचाया नहीं जा सका।

घटना के बाद बच्ची को असुरक्षित स्थान पर छोड़ने वालों की पहचान और परिस्थितियों का पता लगाना पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए चिकित्सकीय दस्तावेज और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली

नवजात बच्ची को सड़क किनारे छोड़ने वाले लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने जांच तेज की।

पुलिस ने सिंह कॉलोनी, चर्च रोड और आसपास के मार्गों पर लगे करीब 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

फुटेज के आधार पर पुलिस को दो संदिग्ध महिलाओं के बारे में सुराग मिलने की जानकारी है।

बताया जा रहा है कि महिलाएं बाइक से घटनास्थल से गई थीं। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

हालांकि, दोनों महिलाओं की पहचान और बच्ची से उनके संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

दो महिलाओं से पूछताछ में जुटी पुलिस

पुलिस की जांच अब हिरासत में ली गई दोनों महिलाओं की भूमिका पर केंद्रित है।

अधिकारियों को यह पता लगाना है कि बच्ची को कार के नीचे किसने छोड़ा और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्ची को छोड़ने वाली महिलाओं का उसके परिवार से कोई संबंध था या नहीं।

दोनों महिलाओं से पूछताछ के आधार पर अन्य संबंधित व्यक्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

फिलहाल केवल हिरासत में लिए जाने के आधार पर दोनों महिलाओं को दोषी नहीं माना जा सकता। उनकी वास्तविक भूमिका जांच के बाद स्पष्ट होगी।

अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज

नवजात बच्ची को असुरक्षित स्थान पर छोड़कर जाने के मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

क्षेत्राधिकारी नगर विभव सैनी के अनुसार, पुलिस को शनिवार शाम आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से बच्ची के मिलने की जानकारी मिली थी।

इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची के उपचार की व्यवस्था की गई।

अस्पताल के रिकॉर्ड से मिल सकता है सुराग

बच्ची के हाथ में कैन्युला और नाभि में क्लिप लगी होने के कारण अस्पताल से संबंधित जानकारी जांच में उपयोगी साबित हो सकती है।

पुलिस संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में हाल में जन्मे बच्चों और चिकित्सकीय रिकॉर्ड की जांच करके बच्ची की पहचान तक पहुंचने का प्रयास कर सकती है।

इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि संदिग्ध महिलाएं किस रास्ते से आई थीं और कहां गईं।

हालांकि, बच्ची को किसी विशेष अस्पताल से लाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों की सतर्कता से अस्पताल पहुंची थी बच्ची

इस घटना में स्थानीय लोगों की सतर्कता महत्वपूर्ण रही। कार के नीचे बच्ची दिखाई देने के बाद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने भी बच्ची को अस्पताल पहुंचाने के साथ उसकी देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्था की थी।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने बच्ची के लिए कपड़े, डायपर और दूध की बोतल की व्यवस्था भी कराई थी।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बच्ची को लावारिस छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

बच्ची की पहचान और मौत के कारणों की जांच जरूरी

रुद्रपुर में नवजात बच्ची की मौत की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि महज दो से तीन दिन की बच्ची को कार के नीचे किसने और क्यों छोड़ा।

पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि बच्ची की तबीयत पहले से खराब थी या सड़क किनारे असुरक्षित परिस्थितियों में रहने के कारण उसकी हालत बिगड़ी।

फिलहाल दो महिलाओं से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और बच्ची की मौत के चिकित्सकीय कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

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