उत्तराखंड

New Tehri: साहसिक और धार्मिक पर्यटन को लेकर पंवाली कांठा में मंथन

Admindelhi1
17 Sept 2026 7:31 PM IST
New Tehri: साहसिक और धार्मिक पर्यटन को लेकर पंवाली कांठा में मंथन
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साहसिक-धार्मिक पर्यटन को लेकर पंवाली कांठा में कवायद

नई टिहरी: ग्राम उत्थान योजना के तहत भिलंगना ब्लॉक के मेंडू सिंधवाल गांव के घंटाकर्ण समूह के तत्वावधान में आयोजित पंवाली कांठा ट्रैकिंग पर पहुंचे दल ने वहां की प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठाया।

समुद्र तल से करीब 3258 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पंवाली कांठा-त्रियुगीनारायण ट्रैक का मट्या बुग्याल क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन के लिए काफी प्रसिद्ध स्थल है। यह मार्ग धार्मिक आस्था, प्राचीन यात्रा परंपराओं और हिमालयी लोकजीवन का भी संगम है।

ट्रैकिंग दल के सदस्य बीडीओ विपिन सिंह, अनुज बहुगुणा, जयप्रकाश कुकरेती, दीपक रावत, प्रधान कुंवर सिंह, दीपक चमियाल, बीडीसी शूरवीर सिंह रावत, वन रेंजर शिव प्रसाद गैरोला, विनोद चमोली ने बताया कि पंवाली कांठा पहुंच कर मन शांत हो जाता है।

उन्होंने बताया कि सीडीओ ने 15 सितम्बर को दल को तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना करते हुए वहां साहसिक पर्यटन की संभावनाएं देखने के निर्देश दिए थे। दल के सदस्य

जयप्रकाश कुकरेती का कहना है कि पंवाली कांठा के विस्तृत बुग्यालों में प्रकृति हर पल अपना नया रूप दिखाती। दूर-दूर तक फैले बुग्याल मखमली चादर, पर्वतों की ऊंची चोटियां और ठंडी हवाओं का स्पर्श यहां आने वाले यात्रियों को प्रकृति के अनुपम संसार में ले जाता है। यहां से गंगी, सहस्रताल, खतलिंग ग्लेशियर और घुत्तू क्षेत्र के ऊंचाई वाले गांवों के मनोरम दृश्य भी दिखाई देते हैं। धार्मिक दृष्टि से भी इस क्षेत्र का विशेष महत्व है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में धार्मिक यात्री और कांवड़ यात्री इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। यहां पर वन गुर्जरों की छानियां क्षेत्र के पारंपरिक जीवन और हिमालयी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करती हैं।

दल का कहना है कि इस क्षेत्र के सुनियोजित प्रचार-प्रसार और पर्यावरण-अनुकूल विकास से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

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