उत्तराखंड

बद्रीनाथ धाम में बना नया रिकॉर्ड 17.79 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Kavita2
23 Sept 2026 6:00 PM IST
बद्रीनाथ धाम में बना नया रिकॉर्ड 17.79 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
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देहरादून। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के बाद अब बद्रीनाथ धाम में भी दर्शनार्थियों की संख्या पिछले वर्षों के आंकड़ों से आगे निकल गई है। 22 सितंबर तक बद्रीनाथ धाम में 17 लाख 79 हजार 805 श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। 23 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद महज 153 दिनों में यह आंकड़ा दर्ज किया गया है।

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को बेहतर यात्रा प्रबंधन और सुविधाओं से जोड़ा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर लगातार अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश देते रहे हैं। सितंबर के मध्य तक यमुनोत्री और गंगोत्री में भी पिछले रिकॉर्ड टूट चुके थे।

इस वर्ष बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले गए थे। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर भी 23 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने की तारीख दर्ज है। इसके बाद यात्रा के शुरुआती दिनों से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचते रहे।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बद्रीनाथ में 22 सितंबर तक श्रद्धालुओं की संख्या 17,79,805 हो चुकी है। खास बात यह है कि यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में अंतिम आंकड़ा इससे काफी आगे जा सकता है। पिछले कुछ वर्षों में भी बद्रीनाथ धाम में 17 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन इस बार यात्रा जारी रहते हुए ही संख्या पिछले रिकॉर्ड के पार पहुंच गई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में बद्रीनाथ धाम में 17,63,578 श्रद्धालु पहुंचे थे। वर्ष 2023 में यह संख्या 17,80,429, वर्ष 2024 में 17,74,264 और वर्ष 2025 में 17,78,298 रही थी। वर्ष 2026 में 22 सितंबर तक ही 17,79,805 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

चारधाम यात्रा की शुरुआत इस साल 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट इसके बाद खुले। मानसून के दौरान मौसम और भूस्खलन जैसी चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बनी रही। उत्तराखंड सरकार के मुताबिक 21 अगस्त तक 125 दिनों में चारधाम दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 48 लाख 4 हजार 897 पहुंच चुकी थी, जो 2025 की समान अवधि की तुलना में 5 लाख 22 हजार 634 अधिक थी।

21 अगस्त तक अकेले बद्रीनाथ धाम में 16 लाख 54 हजार 263 श्रद्धालु पहुंच चुके थे। इसके बाद मौसम में सुधार और यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या फिर बढ़ी। सितंबर में यह आंकड़ा तेजी से 17 लाख के पार पहुंच गया।

चारधाम यात्रा के दौरान राज्य सरकार ने संबंधित जिलों में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अलर्ट मोड पर रखने की बात कही है। विशेष रूप से चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा प्रबंधन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने भी प्रतिकूल मौसम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार मंदिर समुद्र तल से लगभग 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। नर और नारायण पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित बद्रीनाथ धाम के पास अलकनंदा नदी बहती है।

इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत से ही यात्रियों की संख्या में तेजी दिखाई दी थी। मई के आखिर तक चारधाम में 20 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। 23 मई तक सरकारी आंकड़ों में कुल 20 लाख 76 हजार 553 श्रद्धालुओं के चारधाम पहुंचने की जानकारी दी गई थी। इनमें बद्रीनाथ में उस समय तक 5 लाख 56 हजार 437 यात्री दर्शन कर चुके थे।

इसके बाद मानसून के दौरान भी यात्रा जारी रही। अगस्त में खराब मौसम और प्रशासनिक अलर्ट के बावजूद बद्रीनाथ में श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। 10 अगस्त तक बद्रीनाथ में 16 लाख 12 हजार 112 यात्री दर्शन कर चुके थे। सरकार ने इस दौरान मौसम की स्थिति के अनुसार यात्रा को नियंत्रित करने और जरूरत पड़ने पर रोकने की नीति अपनाने की जानकारी दी थी।

सितंबर आते-आते गंगोत्री और यमुनोत्री धाम ने भी नए रिकॉर्ड बनाए। 12 सितंबर तक गंगोत्री में 7 लाख 84 हजार 321 और यमुनोत्री में 7 लाख 3 हजार 302 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। इसी अवधि में चारधाम यात्रा की कुल यात्री संख्या 50 लाख 28 हजार 497 हो गई थी।

अब बद्रीनाथ धाम में 17.79 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आंकड़ा दर्ज होने से चारधाम यात्रा 2026 में एक और नया रिकॉर्ड जुड़ गया है। यात्रा अभी जारी है और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन के सामने बढ़ती संख्या के साथ यातायात, स्वास्थ्य सुविधाओं, ठहरने की व्यवस्था और मौसम से जुड़ी चुनौतियों के बीच यात्रा को सुरक्षित तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी भी बनी हुई है।

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