उत्तराखंड

जोहार घाटी में विकास की नई रोशनी, सीमा क्षेत्र होगा मजबूत

Saba Naaz
16 July 2026 7:01 PM IST
जोहार घाटी में विकास की नई रोशनी, सीमा क्षेत्र होगा मजबूत
x

उत्तराखंड: पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा से सटे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जोहार घाटी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। यहां तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को अब बेहतर बिजली सुविधा मिलने जा रही है। दुर्गम मिलम क्षेत्र से आईटीबीपी की अग्रिम चौकी बोगड़ियार तक बिछाई गई नई 11 केवी विद्युत लाइन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही इस लाइन को विद्युत प्रवाह से जोड़कर ऊर्जीकृत किया जाएगा।

इस परियोजना को सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। नई विद्युत लाइन शुरू होने के बाद चीन सीमा के नजदीक स्थित आईटीबीपी की बोगड़ियार चौकी और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पहले से ज्यादा बेहतर और भरोसेमंद हो सकेगी। इससे सीमा की निगरानी में तैनात जवानों को काफी सुविधा मिलेगी।

जानकारी के अनुसार, विद्युत द्वितीय कार्य खंड काठगोदाम की ओर से इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा किया गया है। बिजली लाइन को मिलम, रूपसियाबगड़, बबलधार, सगाड़ी और स्यूनी जैसे बेहद दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों से होते हुए बोगड़ियार आईटीबीपी पोस्ट तक पहुंचाया गया है।

उच्च हिमालयी क्षेत्र में बिजली लाइन बिछाना काफी चुनौतीपूर्ण काम माना जाता है। यहां कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, खराब मौसम और दुर्गम रास्तों के कारण निर्माण कार्य में कई तरह की परेशानियां आती हैं। इसके बावजूद विभाग ने तय योजना के अनुसार काम पूरा किया है।

नई लाइन के शुरू होने से केवल सुरक्षा बलों को ही फायदा नहीं मिलेगा, बल्कि जोहार घाटी के ग्रामीण इलाकों में भी बिजली व्यवस्था मजबूत होगी। लंबे समय से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर बिजली सुविधा जीवन स्तर सुधारने में मददगार साबित होगी। बिजली की उपलब्धता से शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सीमा क्षेत्रों में बेहतर आधारभूत ढांचा देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बिजली जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने से आईटीबीपी चौकियों में संचार व्यवस्था, निगरानी उपकरणों और अन्य आवश्यक सुविधाओं का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा।

नई विद्युत लाइन को चालू करने से पहले उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने बताया कि लाइन में जल्द ही विद्युत प्रवाह शुरू किया जाएगा, इसलिए लोगों को बिजली के खंभों, तारों, स्टे वायर और अन्य उपकरणों से दूरी बनाए रखनी होगी।

यूपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि लाइन चालू होने के बाद सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होगा। लोगों से अपील की गई है कि वे विद्युत संरचनाओं के आसपास किसी भी तरह की गतिविधि न करें, ताकि किसी दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।

विद्युत द्वितीय कार्य खंड काठगोदाम के अधिशासी अभियंता डीडी पांगती ने बताया कि जोहार वैली के उच्च हिमालयी क्षेत्र तक 11 केवी विद्युत लाइन पहुंचाने का कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल लाइन का ट्रायल किया जा रहा है और जल्द ही इसे नियमित आपूर्ति के लिए शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ऊर्जीकरण से पहले सभी तकनीकी जांच पूरी की जा रही हैं, ताकि भविष्य में बिजली आपूर्ति सुरक्षित और सुचारु रूप से जारी रह सके।

जोहार घाटी लंबे समय से अपनी भौगोलिक और सामरिक महत्व के कारण चर्चा में रही है। चीन सीमा के करीब होने के कारण यहां सड़क, बिजली और संचार जैसी सुविधाओं का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है। सरकार और संबंधित विभाग लगातार सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं।

11 केवी विद्युत लाइन की शुरुआत से जोहार घाटी में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। जहां एक ओर सीमा पर तैनात जवानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिलेगा। यह परियोजना सीमांत क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

Next Story