
जनता से रिश्ता वेबडेस्क : आनलाइन पढ़ाई के लिए 25 हजार लेक्चर तैयार हैं। यद्यपि कोरोना काल में आनलाइन पढ़ाई से लाभान्वित होने वालों की संख्या सीमित रही। इसका बड़ा कारण दूरस्थ डिग्री कालेजों और विद्यार्थियों की इंटरनेट कनेक्टिविटी तक पहुंच नहीं होना रहा है। बीते सत्र में कालेजों को 4जी नेटवर्क से जोडऩे में काफी हद तक सफलता मिली है। एडुसेट के माध्यम से 50 से ज्यादा सरकारी डिग्री कालेजों में वर्चुअल कक्षाएं प्रारंभ की गईं थीं। इनका भी विस्तार किया जाएगा। प्रदेश के सरकारी डिग्री कालेजों के एक लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को हाइब्रिड मोड, यानी आफलाइन के साथ आनलाइन पढ़ाई का निरंतर लाभ मिलेगा। आनलाइन पढ़ाई कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण का काम करेगी, जबकि मेधावियों के लिए यह अतिरिक्त तैयारी के रूप में सहायक होगी।इस व्यवस्था के लिए प्रत्येक जिले में एक वर्चुअल लैब की स्थापना की जाएगी।





