उत्तराखंड

Nainital : महिला पर्यटक का वीडियो बनाने वाले होटल कर्मी को 1 साल की कठोर सजा

Kavita2
18 May 2026 11:11 AM IST
Nainital : महिला पर्यटक का वीडियो बनाने वाले होटल कर्मी को 1 साल की कठोर सजा
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Uttarakhand उत्तराखंड : नैनीताल में एक महिला पर्यटक का बाथरूम में नहाने के दौरान वीडियो बनाने के गंभीर मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल रवि रंजन की अदालत ने आरोपी होटल कर्मी को दोषी करार देते हुए उसे एक साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला भारतीय दंड संहिता की धारा 354(ग) के तहत सुनाया है।

मामला उस समय का है जब एक महिला पर्यटक अपने पति के साथ नैनीताल घूमने आई थी और वह एक होटल में ठहरी हुई थी। आरोप है कि होटल में कार्यरत कर्मचारी ने महिला की निजता का उल्लंघन करते हुए बाथरूम में नहाने के दौरान उसका वीडियो बना लिया। इस घटना के सामने आने के बाद पीड़िता और उसके पति ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर होटल कर्मी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया गया। पूरे मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित किए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी का कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें महिला की गरिमा और निजता का सीधा उल्लंघन हुआ है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं और ऐसे मामलों में सख्त सजा आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की हरकतों पर रोक लगाई जा सके।

अदालत ने आरोपी होटल कर्मी को धारा 354(ग) के तहत दोषी ठहराते हुए एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जुर्माना अदा करने में विफल रहता है तो उसे अतिरिक्त दो महीने का कारावास भुगतना होगा।

इस फैसले के बाद पीड़िता पक्ष ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताया है। वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला महिला सुरक्षा और निजता के मामलों में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।

पुलिस अधिकारियों ने भी कहा है कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होटल और पर्यटन स्थलों पर निगरानी को और सख्त किया जाएगा।

यह मामला एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि पर्यटन स्थलों पर भी महिलाओं की सुरक्षा और निजी अधिकारों का उल्लंघन गंभीर समस्या बन सकता है, जिस पर कठोर कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

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