उत्तराखंड
अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों को बड़ा झटका
Ratna Netam
14 Oct 2026 10:14 PM IST

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देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। तीनों को पहले ही निचली अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। उत्तराखंड सरकार ने अदालत के इस फैसले के बाद कहा था कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने जमानत याचिकाएं खारिज होने को अपनी मजबूत कानूनी पैरवी का परिणाम बताया।हालांकि, उपलब्ध प्रकाशित रिकॉर्ड के अनुसार, जमानत याचिकाएं खारिज करने का यह फैसला 19 अगस्त 2026 का है। बुधवार, 14 अक्टूबर को इसी संबंध में कोई नया आदेश जारी होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है।
पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों की जमानत खारिज
उत्तराखंड हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने तीनों दोषियों की जमानत अर्जियों पर सुनवाई की थी।दो दिनों तक चली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता ने निचली अदालत से मिली उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अपील लंबित रहने के दौरान उन्होंने जमानत देने का अनुरोध भी किया था।हालांकि, हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया।
30 मई 2025 को सुनाई गई थी उम्रकैद
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।अदालत ने हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित अपराधों में तीनों को दोषी पाया था।मुख्य दोषी पुलकित आर्य वनंतरा रिजॉर्ट का मालिक था, जबकि सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता उसी रिजॉर्ट से जुड़े कर्मचारी थे।अदालत के फैसले के बाद तीनों ने उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की थी। सजा के खिलाफ उनकी अपील और जमानत का प्रश्न अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं से संबंधित हैं।
सितंबर 2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
यह मामला सितंबर 2022 का है। पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं।अंकिता 18 सितंबर 2022 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई।24 सितंबर को उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ था। घटना सामने आने के बाद पूरे उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन हुए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी।जांच में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
जांच के लिए गठित की गई थी SIT
हत्याकांड सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।राज्य सरकार ने मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया था।जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्र किया।सरकारी जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान लगभग 500 पन्नों की चार्जशीट तैयार की गई थी। इसमें घटना से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य और करीब 100 गवाहों के बयान शामिल किए गए थे।जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी शुरू की गई थी।
सरकार ने मजबूत कानूनी पैरवी का दिया हवाला
उत्तराखंड सरकार ने कहा था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में शुरू से ही निष्पक्ष जांच और प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।सरकार के अनुसार, एसआईटी की जांच और अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों ने दोषियों के खिलाफ मामला मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।राज्य सरकार ने यह भी दावा किया कि मजबूत पैरवी के कारण दोषियों को जमानत नहीं मिल सकी और सुनवाई के दौरान वे जेल में रहे।हालांकि, किसी दोषी को सजा देना या जमानत देने से इनकार करना अदालत का स्वतंत्र न्यायिक निर्णय होता है।
पीड़ित परिवार की न्याय की मांग जारी
अंकिता भंडारी के माता-पिता लगातार मामले में पूरी जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।14 अक्टूबर 2026 को अंकिता के माता-पिता ने नई दिल्ली के इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनसे मुलाकात की।परिवार ने मामले में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवाल उठाए हैं और विस्तृत जांच की मांग की है। यह पहलू दोषसिद्ध तीन व्यक्तियों के खिलाफ पहले पूरी हो चुकी आपराधिक सुनवाई से अलग है।
आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर नजर
अंकिता भंडारी हत्याकांड में निचली अदालत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जियां भी खारिज कर दी थीं।अब इस मामले में दोषियों की अपील और परिवार की ओर से उठाए जा रहे अन्य सवालों से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं।उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि वह कानून के अनुसार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के अपने संकल्प पर कायम है।
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