उत्तराखंड

उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या मामले में बड़ा खुलासा, SIT ने दर्ज किए बयान

Kavita2
20 Oct 2026 9:28 AM IST
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या मामले में बड़ा खुलासा, SIT ने दर्ज किए बयान
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देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच तेज कर दी है। सोमवार, 19 अक्टूबर की देर शाम एसआईटी ने मंत्री रेखा आर्या के सरकारी आवास पहुंचकर उनके बयान दर्ज किए। इस दौरान टीम ने मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग भी अपने कब्जे में ली है। अब इस रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक साइंस लैब भेजकर उसकी सत्यता की जांच कराई जाएगी। मंत्री की ओर से पति के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की जांच कर रही है।

सरकारी आवास पहुंची एसआईटी, दर्ज किए मंत्री के बयान

जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी की टीम नेहरू कॉलोनी स्थित कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के सरकारी आवास पहुंची। टीम में मामले के विवेचक सीओ अनुज कुमार भी शामिल थे।

जांच अधिकारियों ने मंत्री से उनके द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर और उसमें लगाए गए आरोपों के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान मंत्री के बयान दर्ज किए गए और मामले से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए।

पुलिस के लिए यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शिकायतकर्ता के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच संबंध स्थापित करना जांच का अहम हिस्सा है।

एसआईटी अब दर्ज बयानों और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर आगे की कार्रवाई करेगी।

ऑडियो रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग है। मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस रिकॉर्डिंग का उल्लेख किया था।

सोमवार को एसआईटी ने संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में ले ली। अब इसे फॉरेंसिक साइंस लैब भेजने की तैयारी है।

फॉरेंसिक जांच के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है। इसके साथ ही आवाज की पहचान और बातचीत की प्रामाणिकता की जांच भी आवश्यकतानुसार कराई जा सकती है।

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस को मामले की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। हालांकि रिपोर्ट आने से पहले ऑडियो की सत्यता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

15 अक्टूबर को पति के खिलाफ दर्ज कराया था मुकदमा

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

एफआईआर में उन्होंने पति पर मारपीट, घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

मंत्री ने अपनी शिकायत में जान को खतरा होने की आशंका भी जताई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की।

हालांकि ये सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। इनकी सत्यता का निर्धारण पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

दस सदस्यीय एसआईटी कर रही मामले की जांच

मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए उत्तराखंड पुलिस ने दस सदस्यीय एसआईटी गठित की है। इस टीम का नेतृत्व एसपी देहात जया बलोनी कर रही हैं।

जांच टीम विभिन्न स्तरों पर साक्ष्य जुटाने का काम कर रही है। इसमें संबंधित व्यक्तियों के बयान, दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध सामग्री शामिल हैं।

पुलिस इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट की जा सके।

जांच के दौरान सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई निर्धारित की जाएगी।

बरेली से भी लौटी जांच टीम

मामले की जांच के सिलसिले में एसआईटी की एक टीम उत्तर प्रदेश के बरेली भी गई थी। सोमवार को इस टीम के लौटने की जानकारी सामने आई।

जांच अधिकारी बरेली से प्राप्त जानकारी का भी अध्ययन कर रहे हैं। पुलिस संबंधित साक्ष्यों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

बताया जा रहा है कि जांच टीम मामले से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका और उपलब्ध दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल कर रही है।

इस बीच गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज मुकदमे से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।

पति ने आरोपों को बताया निराधार

इस पूरे विवाद में गिरधारी लाल साहू ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने मंत्री रेखा आर्या की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया है।

साहू ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से तैयार किया गया बताया है।

इसके अलावा उन्होंने रेखा आर्या पर भी आर्थिक अनियमितताओं से संबंधित आरोप लगाए हैं और उनकी जांच की मांग की है।

हालांकि साहू के इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।

राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज

राज्य की कैबिनेट मंत्री और उनके पति के बीच विवाद सार्वजनिक होने के बाद यह मामला उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।

रेखा आर्या प्रदेश सरकार में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की मंत्री हैं। ऐसे में उनके द्वारा घरेलू उत्पीड़न और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने से यह मामला काफी संवेदनशील हो गया है।

मंत्री ने अपने बयानों में कहा है कि वह इस मामले में सच्चाई सामने लाना चाहती हैं। उन्होंने महिलाओं से उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की है।

वहीं, विपक्ष की ओर से भी इस विवाद में उठे आरोपों की जांच की मांग सामने आई है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू ऑडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाजें किसकी हैं और क्या ऑडियो में किसी प्रकार का तकनीकी बदलाव किया गया है।

एसआईटी मंत्री के बयानों, अन्य गवाहों से मिली जानकारी और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान भी करेगी।

जांच अधिकारियों के सामने चुनौती है कि दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल कर तथ्य सामने लाए जाएं।

फिलहाल मंत्री रेखा आर्या के बयान दर्ज होने और ऑडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में लिए जाने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी है। अब सभी की नजर फॉरेंसिक रिपोर्ट और एसआईटी की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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