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उत्तराखंड वन विभाग में फिर बड़ा फेरबदल, दो महीने में दोबारा बदले गए दो IFS अधिकारी

Kavita2
11 Oct 2026 1:11 PM IST
उत्तराखंड वन विभाग में फिर बड़ा फेरबदल, दो महीने में दोबारा बदले गए दो IFS अधिकारी
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देहरादून। उत्तराखंड वन विभाग में एक बार फिर अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों की नई तैनाती के तहत दीपक सिंह, आदित्य रत्न और राहुल मिश्रा की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। खास बात यह है कि आईएफएस अधिकारी दीपक सिंह और आदित्य रत्न का करीब दो महीने के भीतर दोबारा तबादला हुआ है। नई व्यवस्था के अनुसार, दीपक सिंह को पिथौरागढ़ वन प्रभाग का प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) बनाया गया है, जबकि आदित्य रत्न को हल्द्वानी वन प्रभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, तराई पूर्वी वन प्रभाग की कमान अब आईएफएस अधिकारी राहुल मिश्रा संभालेंगे।

राहुल मिश्रा इससे पहले कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात थे। अब उन्हें तराई पूर्वी वन प्रभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वन विभाग में हुए इस फेरबदल के बाद तीनों अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदल गए हैं। विभागीय स्तर पर नई तैनाती के अनुसार संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।

दो महीने में दोबारा बदले गए दो अधिकारी

उत्तराखंड वन विभाग में हुए ताजा तबादलों की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आईएफएस अधिकारी दीपक सिंह और आदित्य रत्न का करीब दो महीने में दूसरी बार स्थानांतरण हुआ है।

दोनों अधिकारियों को अब नए वन प्रभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दीपक सिंह पिथौरागढ़ वन प्रभाग में डीएफओ के रूप में कार्य करेंगे, जबकि आदित्य रत्न को हल्द्वानी वन प्रभाग का दायित्व दिया गया है।

हालांकि, दोनों अधिकारियों की पिछली तैनाती कहां थी और करीब दो महीने पहले उन्हें किस पद से स्थानांतरित किया गया था, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसके अलावा इतने कम समय में दोबारा तबादला किए जाने के कारणों का भी उल्लेख नहीं किया गया है।

दीपक सिंह को पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी

आईएफएस अधिकारी दीपक सिंह को पिथौरागढ़ वन प्रभाग का नया डीएफओ बनाया गया है।

पिथौरागढ़ उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण पर्वतीय जिला है। यहां वन क्षेत्रों का संरक्षण, वन संपदा का प्रबंधन और वन्यजीवों की सुरक्षा जैसे विषय वन विभाग की जिम्मेदारियों में शामिल हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी के रूप में दीपक सिंह को संबंधित वन प्रभाग की प्रशासनिक और विभागीय गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालनी होगी।

डीएफओ का पद वन विभाग की क्षेत्रीय प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पद पर तैनात अधिकारी वन संरक्षण से जुड़े कार्यों के साथ विभागीय कर्मचारियों के कामकाज की निगरानी भी करते हैं।

हालांकि, दीपक सिंह के पदभार ग्रहण करने की तारीख का विवरण उपलब्ध नहीं है।

आदित्य रत्न को हल्द्वानी वन प्रभाग की कमान

वन विभाग की नई तबादला व्यवस्था के तहत आईएफएस अधिकारी आदित्य रत्न को हल्द्वानी वन प्रभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हल्द्वानी उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र का प्रमुख शहर है। यहां वन क्षेत्रों का प्रबंधन और संरक्षण विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।

आदित्य रत्न को अब हल्द्वानी वन प्रभाग से जुड़े प्रशासनिक और वन संरक्षण संबंधी कार्यों की देखरेख करनी होगी।

करीब दो महीने के भीतर उनका दोबारा स्थानांतरण हुआ है।

हालांकि, आदित्य रत्न इससे पहले किस वन प्रभाग में तैनात थे, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

नई तैनाती के बाद वह हल्द्वानी वन प्रभाग में विभागीय कार्यों का संचालन करेंगे।

राहुल मिश्रा संभालेंगे तराई पूर्वी वन प्रभाग

तबादलों की सूची में आईएफएस अधिकारी राहुल मिश्रा को भी नई जिम्मेदारी मिली है।

उन्हें तराई पूर्वी वन प्रभाग का कार्यभार सौंपा गया है।

राहुल मिश्रा इससे पहले कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात थे।

अब वह तराई पूर्वी वन प्रभाग में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

तराई क्षेत्र में वन संपदा और वन्यजीवों का संरक्षण वन विभाग के प्रमुख कार्यों में शामिल है। ऐसे में इस वन प्रभाग का प्रशासनिक दायित्व महत्वपूर्ण माना जाता है।

राहुल मिश्रा की नई तैनाती के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में उनके पूर्व पद पर किस अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाएगी, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से तराई पूर्वी में तैनाती

आईएफएस राहुल मिश्रा का कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से तराई पूर्वी वन प्रभाग में स्थानांतरण इस फेरबदल का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व उत्तराखंड के प्रमुख संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में शामिल है। यहां बाघों सहित विभिन्न वन्यजीवों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा से जुड़े कार्य किए जाते हैं।

डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात अधिकारी को वन्यजीव संरक्षण से संबंधित प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी निभानी होती है।

अब राहुल मिश्रा को तराई पूर्वी वन प्रभाग का दायित्व सौंपा गया है।

उनकी नई जिम्मेदारी वन प्रभाग के प्रशासनिक संचालन और वन संरक्षण संबंधी कार्यों से जुड़ी होगी।

वन प्रभागों में डीएफओ की अहम भूमिका

उत्तराखंड जैसे वन संपदा से समृद्ध राज्य में वन विभाग के अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

वन प्रभागों में डीएफओ को वन संरक्षण, विभागीय प्रशासन, वन क्षेत्रों की निगरानी और संबंधित सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे कार्यों की जिम्मेदारी निभानी होती है।

वन क्षेत्रों में अवैध कटाई रोकना, वन संपदा की सुरक्षा और विभागीय गतिविधियों का संचालन भी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा होता है।

इसके अलावा वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष से संबंधित विषयों पर भी विभागीय स्तर पर काम किया जाता है।

हालांकि, ताजा तबादलों के साथ तीनों अधिकारियों को कोई विशेष अतिरिक्त दायित्व दिया गया है या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

तबादलों के कारणों की जानकारी नहीं

वन विभाग में हुए इस फेरबदल को लेकर फिलहाल अधिकारियों की नई तैनाती की जानकारी सामने आई है।

दीपक सिंह और आदित्य रत्न के करीब दो महीने में दोबारा स्थानांतरण को लेकर कोई विशेष कारण उपलब्ध विवरण में नहीं बताया गया है।

इसी तरह राहुल मिश्रा को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से तराई पूर्वी वन प्रभाग में भेजने के पीछे विभागीय कारणों का भी उल्लेख नहीं किया गया है।

ऐसे में इन तबादलों को किसी विवाद, शिकायत या विशेष प्रशासनिक परिस्थिति से जोड़ना उचित नहीं होगा।

फिलहाल यह स्पष्ट है कि तीनों अधिकारियों को नए कार्यक्षेत्र आवंटित किए गए हैं।

नई तैनाती के बाद बदलेंगी जिम्मेदारियां

उत्तराखंड वन विभाग में हुए ताजा तबादलों के बाद पिथौरागढ़, हल्द्वानी और तराई पूर्वी वन प्रभाग में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव होगा।

दीपक सिंह पिथौरागढ़ के डीएफओ होंगे, जबकि आदित्य रत्न हल्द्वानी वन प्रभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।

वहीं, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत रहे राहुल मिश्रा अब तराई पूर्वी वन प्रभाग का कार्यभार संभालेंगे।

करीब दो महीने के भीतर दो आईएफएस अधिकारियों का दोबारा तबादला होना इस फेरबदल की प्रमुख बात है।

फिलहाल विभाग की ओर से इन तबादलों के विस्तृत कारण और अधिकारियों के पदभार ग्रहण करने की तारीख के संबंध में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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