उत्तराखंड

मतदाता सूची पुनरीक्षण में बुजुर्गों को बड़ी राहत

Kavita2
6 Aug 2026 2:32 PM IST
मतदाता सूची पुनरीक्षण में बुजुर्गों को बड़ी राहत
x

देहरादून: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को नोटिस के निस्तारण के लिए मतदान केंद्र या बूथ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके बजाय संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) स्वयं उनके घर पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे।

यह निर्णय राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के मंडलायुक्त, सभी जिलाधिकारी तथा निर्वाचन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अभियान है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सही रूप से दर्ज हो और किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को मतदाता सूची में किसी प्रकार की विसंगति के कारण नोटिस जारी किए गए हैं, उनके मामलों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाए। ऐसे मतदाताओं को बूथ पर बुलाने के बजाय बीएलओ उनके घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि कई बार अधिक उम्र या शारीरिक असमर्थता के कारण बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र या बूथ तक पहुंचना कठिन हो जाता है। ऐसे में निर्वाचन विभाग का दायित्व है कि वह उनकी सुविधा का विशेष ध्यान रखे और उन्हें घर बैठे आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बीएलओ घर-घर जाकर न केवल नोटिसों का निस्तारण करें, बल्कि मतदाताओं को मतदाता सूची से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं की भी जानकारी दें। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और भविष्य में त्रुटियों की संभावना कम होगी।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित कारण सूची से हटाया न जाए और सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए।

निर्वाचन विभाग ने यह भी निर्देश दिए कि जिन मामलों में मतदाता सूची में नाम, पता, आयु या अन्य विवरणों में त्रुटि पाई जाती है, उन्हें समयबद्ध तरीके से ठीक किया जाए। इसके लिए बीएलओ और संबंधित अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा गया है।

बैठक में जिलाधिकारियों से अभियान की प्रगति रिपोर्ट भी ली गई। अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में चल रहे पुनरीक्षण कार्य की जानकारी दी और अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला होती है। यदि सूची में किसी प्रकार की त्रुटि रहती है तो इसका सीधा असर चुनाव प्रक्रिया पर पड़ सकता है। इसलिए पुनरीक्षण अभियान पूरी गंभीरता और सावधानी के साथ संचालित किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अभियान के दौरान लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। यदि किसी मतदाता को नोटिस या सूची में दर्ज जानकारी को लेकर कोई समस्या है तो उसका समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि निर्वाचन विभाग का यह निर्णय वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इससे उन्हें अनावश्यक यात्रा और शारीरिक परेशानी से बचाया जा सकेगा तथा मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया भी अधिक सरल और मानवीय बनेगी।

निर्वाचन विभाग का उद्देश्य है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित हो। इसके लिए राज्यभर में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन तथा विवरणों में सुधार का कार्य किया जा रहा है।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही, पात्र मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान भी चलाया जाए।

कुल मिलाकर, निर्वाचन विभाग के इस फैसले से 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। अब उन्हें नोटिसों के निस्तारण के लिए बूथ तक नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि बीएलओ स्वयं उनके घर पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे। इससे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अधिक पारदर्शी, समावेशी और जनहितकारी बनने की उम्मीद है।

Next Story