उत्तराखंड

नमो भवन प्रोजेक्ट की लागत में बड़ी कटौती

Kavita2
20 Sept 2026 2:53 PM IST
नमो भवन प्रोजेक्ट की लागत में बड़ी कटौती
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हल्द्वानी। चर्चित नमो भवन प्रोजेक्ट के डिजाइन में अहम बदलाव किए गए हैं। परियोजना की लागत कम करने के लिए बहुद्देश्यीय भवन की एक मंजिल और करीब 150 वाहनों की पार्किंग क्षमता को कम करने का फैसला लिया गया है। डिजाइन संशोधन के बाद प्रोजेक्ट की लागत में करीब 79 करोड़ रुपये की कमी आई है।

पुरानी डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत 397 करोड़ रुपये थी। लेकिन डिजाइन में बदलाव के बाद अब इसकी लागत घटकर 318 करोड़ रुपये रह गई है। संशोधित प्रस्ताव को शासन स्तर की हाई पावर कमेटी के पास भेजा गया है, जहां से मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

हाई पावर कमेटी के पास पहुंची फाइल

नमो भवन प्रोजेक्ट की संशोधित फाइल अब शासन स्तर की हाई पावर कमेटी के पास पहुंच चुकी है। समिति की मंजूरी के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

यूयूएसडीए (UUSDA) के प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह के अनुसार, हाई पावर कमेटी की संस्तुति मिलने के करीब एक महीने के अंदर दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि लागत कम करने के लिए परियोजना के डिजाइन में जरूरी बदलाव किए गए हैं। इसका उद्देश्य बजट को नियंत्रित रखते हुए प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारना है।

लागत कम करने के लिए बदला डिजाइन

प्रोजेक्ट की शुरुआती योजना के अनुसार बहुद्देश्यीय भवन में अधिक सुविधाएं शामिल की गई थीं। हालांकि बढ़ती लागत को देखते हुए डिजाइन की समीक्षा की गई।

संशोधन के बाद भवन की एक मंजिल कम की गई है। इसके साथ ही पार्किंग क्षमता में भी बदलाव किया गया है। पहले प्रस्तावित 150 अतिरिक्त गाड़ियों की पार्किंग को कम कर दिया गया है।

इन बदलावों से परियोजना की कुल लागत में बड़ी कमी आई है।

397 करोड़ से घटकर 318 करोड़ हुआ बजट

नमो भवन की पहली डीपीआर में परियोजना की लागत 397 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। लेकिन नए डिजाइन के बाद लागत 318 करोड़ रुपये हो गई है।

इस तरह संशोधन के बाद करीब 79 करोड़ रुपये की बचत होगी। अधिकारियों का कहना है कि संशोधित योजना के तहत भी भवन की उपयोगिता और आवश्यक सुविधाओं को बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

टेंडर प्रक्रिया दोबारा होगी शुरू

हाई पावर कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के लिए नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित डिजाइन के आधार पर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।

पहले की तुलना में कम लागत और संशोधित योजना के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

प्रोजेक्ट से जुड़ी उम्मीदें

नमो भवन प्रोजेक्ट को क्षेत्र के महत्वपूर्ण विकास कार्यों में शामिल माना जा रहा है। इसके निर्माण से विभिन्न गतिविधियों के लिए एक आधुनिक बहुद्देश्यीय परिसर उपलब्ध कराने की योजना है।

अधिकारियों का कहना है कि परियोजना को तय मानकों के अनुसार पूरा करने के साथ-साथ खर्च को नियंत्रित रखना भी प्राथमिकता है।

बजट और सुविधा में संतुलन की कोशिश

बड़े निर्माण प्रोजेक्ट में लागत नियंत्रण एक महत्वपूर्ण पहलू होता है। नमो भवन प्रोजेक्ट में भी इसी को ध्यान में रखते हुए डिजाइन में बदलाव किए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि संशोधन के बावजूद भवन की उपयोगिता प्रभावित नहीं होगी और जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

आगे की प्रक्रिया पर नजर

अब सभी की नजर हाई पावर कमेटी की मंजूरी पर है। समिति की स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बाद निर्माण कार्य की दिशा तय होगी।

नमो भवन प्रोजेक्ट में हुए इस बदलाव से जहां लागत कम हुई है, वहीं परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।

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