उत्तराखंड

देहरादून में बुलडोजर का बड़ा एक्शन 150 बीघा प्लाटिंग पर कार्रवाई

nidhi
11 Sept 2026 9:50 AM IST
देहरादून में बुलडोजर का बड़ा एक्शन 150 बीघा प्लाटिंग पर कार्रवाई
x
बुलडोजर से ध्वस्त की गई प्लाटिंग

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नियमों को ताक पर रखकर विकसित की जा रही करीब 150 बीघा जमीन की प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान प्लाटिंग के लिए बनाई गई सड़कों, सीमांकन और अन्य निर्माण को ध्वस्त किया गया। बड़े पैमाने पर हुई इस कार्रवाई से अवैध तरीके से जमीन काटकर बेचने वालों में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि संबंधित क्षेत्र में बिना जरूरी अनुमति और स्वीकृत लेआउट के बड़े भूखंड को छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर विकसित करने का मामला सामने आया था। शिकायत और जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग ने जमीन तथा दस्तावेजों की जांच की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
150 बीघा प्लाटिंग पर एक्शन
कार्रवाई के लिए विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम भी किए गए। इसके बाद जेसीबी की मदद से प्लाटिंग के लिए तैयार किए गए आंतरिक रास्तों और अन्य विकास कार्यों को हटाया गया। करीब 150 बीघा क्षेत्र में कार्रवाई होने के कारण इसे हाल के समय की बड़ी कार्रवाई में गिना जा रहा है। अधिकारियों का जोर है कि बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनी विकसित करने या जमीन की प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
प्लॉट खरीदने वालों को सतर्क रहने की सलाह
अवैध प्लाटिंग के मामलों में सबसे ज्यादा नुकसान उन लोगों को हो सकता है जो अपनी जमा पूंजी लगाकर जमीन खरीद लेते हैं। कई बार कम कीमत या आसान किस्तों के लालच में लोग प्लॉट खरीदते समय संबंधित प्राधिकरण से लेआउट की मंजूरी और जमीन के दस्तावेजों की जांच नहीं करते। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। केवल रजिस्ट्री होने से किसी कॉलोनी या प्लाटिंग के सभी विकास कार्य स्वतः वैध नहीं हो जाते। संबंधित प्राधिकरण की अनुमति और लागू भूमि उपयोग नियमों की जानकारी लेना भी जरूरी है।
अवैध कॉलोनियों पर बढ़ी सख्ती
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में आबादी बढ़ने के साथ जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है। इसका फायदा उठाकर कई जगह कृषि या दूसरी श्रेणी की भूमि पर बिना अनुमति प्लॉट काटने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इससे अनियोजित शहरीकरण के साथ सड़क, सीवर, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ता है।
प्रशासन का कहना है कि शहर का विकास निर्धारित मास्टर प्लान और नियमों के मुताबिक होना जरूरी है। अनधिकृत निर्माण और प्लाटिंग मिलने पर नोटिस तथा ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जा सकती है। देहरादून में 150 बीघा प्लाटिंग पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद जमीन कारोबारियों को स्पष्ट संदेश मिला है कि बिना अनुमति विकसित की जा रही परियोजनियां कार्रवाई के दायरे में आ सकती हैं। वहीं आम लोगों के लिए भी यह जरूरी है कि प्लॉट या मकान खरीदने से पहले दस्तावेज और संबंधित प्राधिकरण की मंजूरी अच्छी तरह जांच लें।
Next Story