उत्तराखंड

उत्तराखंड में अवैध प्लॉटिंग पर MDDA का बड़ा एक्शन, 65 बीघा जमीन पर चला बुलडोजर

Kavita2
3 Nov 2026 9:45 AM IST
उत्तराखंड में अवैध प्लॉटिंग पर MDDA का बड़ा एक्शन, 65 बीघा जमीन पर चला बुलडोजर
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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग तथा अनधिकृत निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को प्राधिकरण की टीम ने डोईवाला क्षेत्र में पांच अलग-अलग स्थानों पर करीब 60 से 65 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही मैगी प्वाइंट और पुरुकुल रोड पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण किए जाने के आरोप में दो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अनधिकृत कॉलोनियां विकसित करने वालों में हलचल मच गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति प्लॉटिंग और नियमों के विरुद्ध निर्माण करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

जानकारी के अनुसार, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण को डोईवाला और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग विकसित किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर प्राधिकरण ने संबंधित स्थानों को चिह्नित किया। इसके बाद सोमवार को टीम ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाया।

प्राधिकरण की टीम ने घिसरपट्टी, बुल्लावाला मार्ग, कुड़कावाला, भगत सिंह कॉलोनी और काम्बोज कॉलोनी समेत विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बिना स्वीकृत लेआउट और आवश्यक अनुमति के भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर प्लॉटिंग विकसित की जा रही थी।

डोईवाला के घिसरपट्टी क्षेत्र में करीब 15 से 20 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। यहां भूमि पर भूखंडों का विकास किए जाने से संबंधित शिकायतें सामने आई थीं। प्राधिकरण की टीम ने जांच में आवश्यक स्वीकृतियां नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की।

इसके बाद टीम बुल्लावाला मार्ग पर कुड़कावाला स्थित बीएसएफ हाउस के नजदीक पहुंची। यहां लगभग 10 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग विकसित किए जाने का मामला सामने आया था। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।

इसी क्रम में बुल्लावाला की भगत सिंह कॉलोनी स्थित गली नंबर छह में लगभग पांच बीघा भूमि पर विकसित की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्राधिकरण के अनुसार, यहां भी आवश्यक अनुमति और स्वीकृत लेआउट के बिना भूखंडों का विकास किया जा रहा था।

अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई काम्बोज कॉलोनी में हुई। यहां करीब 30 से 35 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर भूखंड विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। प्राधिकरण ने संबंधित मामले में कार्रवाई करते हुए अवैध विकास कार्यों को हटाया।

डोईवाला में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही एमडीडीए ने देहरादून में नियमों के विपरीत किए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों पर भी शिकंजा कसा। प्राधिकरण की टीम ने मैगी प्वाइंट क्षेत्र में एक अनधिकृत व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया।

जानकारी के अनुसार, मैगी प्वाइंट पर जगदीश चौहान से संबंधित व्यावसायिक निर्माण के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने निर्माण को नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर यह कदम उठाया।

वहीं, पुरुकुल रोड स्थित ईडन वेलनेस एंड हॉस्पिटैलिटी में भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। यहां स्वीकृत भवन मानचित्र के विपरीत निर्माण किए जाने का मामला सामने आया था। संबंधित निर्माण को नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर प्राधिकरण ने सील कर दिया।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए अवैध प्लॉटिंग तथा अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास प्राधिकरण के निर्धारित नियमों और स्वीकृतियों का पालन करना आवश्यक है।

प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी स्थान पर जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित लेआउट की स्वीकृति और आवश्यक कानूनी दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।

दरअसल, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आबादी तथा जमीन की मांग के कारण नई आवासीय कॉलोनियों का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में कई स्थानों पर बिना आवश्यक अनुमति के भूमि को भूखंडों में विभाजित कर बेचने के मामले भी सामने आते रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, अनधिकृत प्लॉटिंग में जमीन खरीदने वाले लोगों को भविष्य में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बिना स्वीकृत लेआउट वाली कॉलोनियों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इसके अतिरिक्त निर्माण स्वीकृति और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में भी कठिनाइयां सामने आ सकती हैं। इसलिए जमीन खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संबंधित भूखंड विधिवत स्वीकृत योजना का हिस्सा है या नहीं।

एमडीडीए की ओर से की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य अनियोजित शहरी विस्तार को नियंत्रित करना और निर्माण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण लगातार ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर रहा है, जहां बिना अनुमति के प्लॉटिंग या निर्माण कार्य किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं।

प्राधिकरण ने नागरिकों को आगाह किया है कि केवल जमीन के दस्तावेज देखकर प्लॉट खरीदने का निर्णय न लें, बल्कि विकास प्राधिकरण से संबंधित स्वीकृतियों की भी जांच करें। इससे भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी विवादों से बचा जा सकता है।

सोमवार को हुई इस कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि एमडीडीए अवैध प्लॉटिंग और नियमविरुद्ध निर्माण के मामलों में सख्त रुख अपनाए हुए है। डोईवाला में करीब 60 से 65 बीघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त किए जाने और दो प्रतिष्ठानों को सील करने के बाद अब अन्य क्षेत्रों में भी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

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