उत्तराखंड

लोअर मालरोड का काम 10 महीने बाद भी अधूरा, व्यापार मंडल अध्यक्ष ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

Kavita2
16 Aug 2026 10:28 AM IST
लोअर मालरोड का काम 10 महीने बाद भी अधूरा, व्यापार मंडल अध्यक्ष ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
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नैनीताल। बीते मानसून में क्षतिग्रस्त हुई लोअर मालरोड की रोकथाम और मरम्मत का काम करीब दस महीने बाद भी पूरा नहीं होने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। तय समय सीमा गुजरने और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद काम पूरा नहीं होने पर मां नयना देवी व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने विरोध का रास्ता अपनाया है। उन्होंने क्षतिग्रस्त क्षेत्र के पास टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया और पूरी रात मौके पर डटे रहे।

शहर में एक तरफ आजादी की वर्षगांठ को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे और जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा स्थानीय लोग समारोह में शामिल हो रहे थे, वहीं दूसरी ओर पुनीत टंडन लोअर मालरोड की स्थिति को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक रोकथाम और मरम्मत का काम पूरा नहीं किया जाता, वह धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे।

लोअर मालरोड नैनीताल शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। बीते मानसून के दौरान इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने और भविष्य में किसी बड़े नुकसान को रोकने के लिए उपचार एवं रोकथाम का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि निर्धारित समय के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन दस महीने बीतने के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।

काम में लगातार हो रही देरी को लेकर स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में असंतोष है। उनका कहना है कि मानसून का एक और दौर आ चुका है, लेकिन पिछले मानसून में हुए नुकसान की मरम्मत अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इससे सड़क और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

आश्वासन के बाद भी काम पूरा नहीं

मां नयना देवी व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने आरोप लगाया कि मरम्मत और रोकथाम का काम निर्धारित समय में पूरा होना था, लेकिन तय समय सीमा गुजरने के कई महीने बाद भी काम अधूरा है। इस बीच अधिकारियों से कई बार बातचीत हुई और काम जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन धरातल पर अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई दी।

इसी नाराजगी के चलते उन्होंने धरना शुरू करने का फैसला किया। पुनीत टंडन रोकथाम स्थल के पास ही टेंट लगाकर बैठ गए। उन्होंने रात भी धरना स्थल पर बिताई और अपनी मांग पर कायम रहे।

उनका कहना है कि मामला केवल सड़क की मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की सुरक्षा और यातायात से भी जुड़ा हुआ है। मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क धंसने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में महत्वपूर्ण मार्ग की मरम्मत में लंबे समय तक देरी गंभीर चिंता का विषय है।

काम पूरा होने तक धरना जारी रखने का ऐलान

पुनीत टंडन ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल नए आश्वासन पर वह आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि जब तक रोकथाम का काम पूरा नहीं होता, वह धरना स्थल पर बने रहेंगे। इस घोषणा के बाद मामला प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष के धरने को स्थानीय स्तर पर भी समर्थन मिलने की संभावना है। सड़क की स्थिति से व्यापारी, स्थानीय निवासी और पर्यटक सभी प्रभावित हो सकते हैं। नैनीताल जैसे पर्यटन शहर में प्रमुख सड़क पर लंबे समय तक निर्माण या मरम्मत कार्य चलने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।

पर्यटन के लिहाज से भी अहम है मालरोड

नैनीताल की मालरोड शहर की पहचान मानी जाती है। यह स्थानीय यातायात के साथ पर्यटन गतिविधियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में पर्यटक इसी मार्ग से शहर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचते हैं। ऐसे में लोअर मालरोड के किसी हिस्से का क्षतिग्रस्त होना या लंबे समय तक निर्माण कार्य जारी रहना पर्यटन व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।

मानसून के दौरान नैनीताल और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। कई स्थानों पर मिट्टी खिसकने और पहाड़ी से मलबा गिरने की घटनाएं होती हैं। इसलिए पहले से कमजोर या क्षतिग्रस्त सड़क के हिस्सों की समय रहते मरम्मत करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

स्थानीय लोगों की चिंता यह भी है कि यदि तेज बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्से पर दोबारा दबाव बढ़ा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसी वजह से लोग चाहते हैं कि रोकथाम के काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

दस महीने की देरी पर उठे सवाल

काम शुरू होने के बाद लगभग दस महीने गुजर जाने के बावजूद इसके पूरा नहीं होने से निर्माण की गति और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महत्वपूर्ण सड़क होने के कारण इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए था।

व्यापारियों का तर्क है कि बार-बार समय सीमा बढ़ने से लोगों का भरोसा प्रभावित होता है। यदि किसी तकनीकी कारण से काम में देरी हो रही है तो प्रशासन को उसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए और काम पूरा करने की निश्चित समय सीमा बतानी चाहिए।

आजादी के जश्न के बीच विरोध

पुनीत टंडन के धरने का समय भी चर्चा का विषय बना। जिस समय शहर में आजादी की वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रम चल रहे थे, उसी दौरान उन्होंने लोअर मालरोड की समस्या को लेकर विरोध शुरू किया। जनप्रतिनिधि और अधिकारी विभिन्न समारोहों में व्यस्त थे, जबकि टंडन ने क्षतिग्रस्त स्थल के पास टेंट लगाकर रातभर धरना दिया।

उनका कहना है कि लगातार मांग और अधिकारियों से बातचीत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, इसलिए उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। उन्होंने इसे शहर के हित से जुड़ा मुद्दा बताते हुए काम पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर

अब स्थानीय लोगों और व्यापारियों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। धरना शुरू होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए क्या कदम उठाता है। मानसून के मौसम को देखते हुए समय पर काम पूरा करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

यदि लगातार बारिश होती है तो निर्माण और रोकथाम के कार्य में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों की मांग है कि उपलब्ध संसाधनों के साथ काम में तेजी लाई जाए और सड़क को सुरक्षित किया जाए।

फिलहाल मां नयना देवी व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका धरना काम पूरा होने तक जारी रहेगा। दस महीने से अधूरी पड़ी लोअर मालरोड की रोकथाम को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर जल्द ठोस कदम उठाएगा और महत्वपूर्ण सड़क की सुरक्षा का काम पूरा किया जाएगा।

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