
देहरादून। पढ़ाई के लिए देहरादून आने वाले छात्र-छात्राओं की आड़ में हुड़दंग, नशाखोरी या आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों पर शिकंजा कसने के लिए दून पुलिस ने प्रेमनगर क्षेत्र में स्थित पीजी और हॉस्टलों में देर रात आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर 20 अगस्त की देर रात पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमों ने कई हॉस्टलों और पेइंग गेस्ट (पीजी) प्रतिष्ठानों की जांच की।
अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से पीजी और हॉस्टल संचालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस टीमों ने न केवल वहां रह रहे छात्र-छात्राओं की जानकारी जुटाई, बल्कि संचालकों को सुरक्षा और सत्यापन से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए।
छात्र-छात्राओं की जानकारी जुटाई
चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न पीजी और हॉस्टलों में पहुंचकर वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं के संबंध में जानकारी ली। पुलिस ने संचालकों से यह भी पूछा कि उनके यहां रहने वाले छात्रों का पुलिस सत्यापन कराया गया है या नहीं।
अधिकारियों ने संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हॉस्टल या पीजी में रहने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाना अनिवार्य है। बिना सत्यापन किसी व्यक्ति को कमरा देने की स्थिति में संबंधित संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि किरायेदारों और पीजी में रहने वाले छात्रों का सत्यापन कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे किसी घटना की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है।
बिना सत्यापन छात्रों को रखना पड़ेगा भारी
पुलिस ने पीजी और हॉस्टल संचालकों को चेतावनी दी है कि वे केवल किराया प्राप्त करने के उद्देश्य से सत्यापन संबंधी नियमों की अनदेखी न करें। यदि कोई संचालक बिना सत्यापन छात्र या अन्य व्यक्ति को अपने प्रतिष्ठान में ठहराता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने संचालकों से छात्रों के आवश्यक दस्तावेज और अन्य जानकारी व्यवस्थित रूप से रखने को कहा। साथ ही, पुलिस को आवश्यकता पड़ने पर यह जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य
चेकिंग के दौरान पुलिस ने पीजी और हॉस्टल संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ किसी घटना की जांच में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हॉस्टल और पीजी जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रहते हैं। ऐसे में प्रवेश और निकास वाले स्थानों समेत आवश्यक स्थानों पर निगरानी व्यवस्था होना जरूरी है।
पुलिस ने संचालकों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि लगाए गए कैमरे प्रभावी स्थिति में हों और जरूरत पड़ने पर उनकी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई जा सके।
पढ़ाई के माहौल को सुरक्षित रखने पर जोर
देहरादून में बड़ी संख्या में दूसरे शहरों और राज्यों से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। प्रेमनगर क्षेत्र में भी कई शैक्षणिक संस्थानों के आसपास पीजी और हॉस्टलों की संख्या अधिक है। ऐसे में पुलिस इस इलाके में कानून-व्यवस्था और छात्र सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है।
पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य सामान्य रूप से छात्रों को परेशान करना नहीं, बल्कि पढ़ाई की आड़ में होने वाली संदिग्ध या आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना है।
देर रात होने वाली चेकिंग के माध्यम से पुलिस यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि पीजी और हॉस्टलों में रहने वाले छात्र अनुशासन बनाए रखें और किसी प्रकार की ऐसी गतिविधि में शामिल न हों जिससे आसपास के लोगों को परेशानी हो या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।
संचालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत
पुलिस टीमों ने चेकिंग के दौरान पीजी और हॉस्टल संचालकों से बातचीत भी की। उन्हें बताया गया कि छात्रों की जानकारी और सत्यापन से जुड़े रिकॉर्ड व्यवस्थित रखना उनकी जिम्मेदारी है।
संचालकों को यह भी हिदायत दी गई कि यदि किसी छात्र की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई देती हैं या कोई कानून-विरोधी गतिविधि सामने आती है तो इसकी सूचना पुलिस को दी जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
अचानक चेकिंग से बढ़ी सतर्कता
पुलिस की इस आकस्मिक कार्रवाई से पीजी और हॉस्टल संचालकों में सतर्कता बढ़ गई है। पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस तरह की जांच आगे भी जारी रह सकती है। इससे संचालकों पर छात्रों के दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर गंभीरता बरतने का दबाव बढ़ेगा।
आकस्मिक चेकिंग का एक उद्देश्य यह भी है कि पुलिस को पहले से सूचना दिए बिना वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जा सके। इससे नियमों के पालन की स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कवायद
दून पुलिस की यह कार्रवाई शहर में छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की दिशा में उठाया गया कदम है। पीजी और हॉस्टल संचालकों की जिम्मेदारी तय करने के साथ पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है।
पुलिस का जोर विशेष रूप से छात्र सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी पर है। दोनों व्यवस्थाएं प्रभावी होने से किसी आपराधिक घटना की स्थिति में संदिग्धों की पहचान करने और जांच को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
कुल मिलाकर, 20 अगस्त की देर रात प्रेमनगर क्षेत्र में चलाए गए इस आकस्मिक चेकिंग अभियान ने पीजी और हॉस्टल संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने सभी छात्रों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। बिना सत्यापन किसी छात्र को ठहराने वाले संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। आने वाले दिनों में पुलिस की ऐसी चेकिंग से छात्रावासों और पीजी में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त होने की उम्मीद है।





