उत्तराखंड

यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन, यातायात प्रभावित

Saba Naaz
21 July 2026 4:13 PM IST
यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन, यातायात प्रभावित
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उत्तरकाशी। मानसूनी बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मंगलवार को यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात बाधित हो गया। पालीगाड़, सिलाई बैंड, स्यानाचट्टी और रानाचट्टी के पास भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा जमा हो गया, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग (एनएच) बड़कोट की टीम मौके पर पहुंची और सड़क खोलने का काम शुरू किया। विभाग की ओर से एक्सावेटर और बैक हो लोडर मशीनों की मदद से स्यानाचट्टी और रानाचट्टी क्षेत्र में आए मलबे को हटाया गया। इसके बाद इन दोनों स्थानों पर हाईवे को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया।

हालांकि, पालीगाड़ और सिलाई बैंड क्षेत्र में अभी भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। इन दोनों स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने के कारण मार्ग बंद है। एनएच विभाग की मशीनें लगातार मलबा हटाने के काम में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहा तो जल्द ही इन दोनों स्थानों पर भी हाईवे को खोल दिया जाएगा।

मानसून के दौरान उत्तरकाशी जिले के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं आम हो जाती हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ कमजोर हो जाते हैं और कई जगहों पर चट्टानों से पत्थर गिरने लगते हैं। इसका सीधा असर सड़क यातायात पर पड़ता है। यमुनोत्री हाईवे चारधाम यात्रा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए मार्ग बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार जिले में हाईवे और संपर्क मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जहां भी भूस्खलन के कारण मार्ग बाधित हो रहे हैं, वहां तत्काल मशीनों को भेजकर सड़क खोलने का काम किया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करें और किसी भी जोखिम वाले क्षेत्र में जाने से बचें। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक भूस्खलन और सड़क बंद होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में यात्रियों को प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

यमुनोत्री हाईवे पर मंगलवार को हुई इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।

फिलहाल स्यानाचट्टी और रानाचट्टी क्षेत्र में यातायात शुरू हो गया है, जबकि पालीगाड़ और सिलाई बैंड में सड़क खोलने का काम तेजी से चल रहा है। बारिश जारी रहने की स्थिति में दोबारा भूस्खलन की आशंका को देखते हुए विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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