
देहरादून/नई दिल्ली। रामलीला मैदान में शनिवार को आयोजित कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद’ रैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर जमकर हमला बोला। करीब 47 मिनट के अपने भाषण में खड़गे ने रोजगार, सरकारी भर्तियों, पेपर लीक, शिक्षा, कानून व्यवस्था, महंगाई, धार्मिक आस्था और भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता किसी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। अगर उत्तराखंड के लोग झुकेंगे तो केवल देश को आगे बढ़ाने के लिए।
रैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी मौजूदगी रही। पार्टी नेताओं ने आगामी चुनावों को लेकर संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाने का आह्वान किया। खड़गे के भाषण में उत्तराखंड के स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के विषय भी प्रमुखता से शामिल रहे।
रोजगार और भर्ती प्रक्रिया पर सरकार को घेरा
खड़गे ने रोजगार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि युवाओं के सामने रोजगार सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की जरूरत है। भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी से मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने शिक्षा के क्षेत्र को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के स्तर पर लिए जा रहे फैसलों का असर आम छात्रों और युवाओं पर पड़ रहा है। खड़गे ने शिक्षा और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं को अच्छी शिक्षा के बाद रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है।
महंगाई का मुद्दा उठाया
रैली में महंगाई का मुद्दा भी प्रमुख रहा। खड़गे ने कहा कि बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से आम लोगों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जनता रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में बदलाव को सीधे महसूस करती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे आम आदमी की परेशानी से जोड़कर प्रस्तुत किया।
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर हमला
खड़गे ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कानून व्यवस्था मजबूत होने पर ही आम नागरिक बिना भय के जीवन जी सकता है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
धार्मिक आस्था पर भी रखी बात
खड़गे ने अपने भाषण में धार्मिक आस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था लोगों की निजी भावनाओं से जुड़े विषय हैं। राजनीति में धार्मिक भावनाओं के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि देश की राजनीति का केंद्र रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे वास्तविक मुद्दे होने चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने जनता से इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
उत्तराखंड के लोगों को लेकर दिया संदेश
खड़गे ने उत्तराखंड की जनता के आत्मसम्मान और संघर्षशीलता का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के लोग किसी के सामने झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता अपने अधिकारों और भविष्य के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी।
उनका यह बयान रैली में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच खास तौर पर चर्चा का विषय रहा। पार्टी नेताओं ने इसे आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं में उत्साह पैदा करने वाला संदेश बताया।
चुनावी तैयारी का दिखा असर
रामलीला मैदान की रैली को कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और जनता से सीधे संपर्क बढ़ाने का संदेश दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आने वाले चुनाव में बेरोजगारी, महंगाई, भर्ती प्रक्रिया, शिक्षा और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे पार्टी के प्रमुख एजेंडे में रहेंगे। रैली के जरिए पार्टी ने सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान को धार देने की कोशिश की।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। पार्टी समर्थकों ने नेताओं के भाषण के दौरान नारेबाजी की और आगामी चुनाव में कांग्रेस को मजबूत करने का संकल्प लिया।
खड़गे ने भी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के मुद्दों को उठाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण है और राजनीतिक दलों को आम लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए।
मुद्दों पर केंद्रित रहा भाषण
करीब 47 मिनट के भाषण में खड़गे ने अलग-अलग मुद्दों को जोड़ते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनके भाषण का बड़ा हिस्सा रोजगार और सरकारी भर्ती से लेकर महंगाई, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर केंद्रित रहा।
उन्होंने कहा कि देश और राज्य का भविष्य युवाओं के हाथ में है। इसलिए युवाओं को रोजगार, शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
रैली के अंत में कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने की अपील की। उन्होंने उत्तराखंड की जनता के आत्मसम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के लोग झुकेंगे नहीं और यदि झुकेंगे तो देश को आगे बढ़ाने के लिए।
कुल मिलाकर, रामलीला मैदान की ‘विजय शंखनाद’ रैली में कांग्रेस ने रोजगार, भर्ती, महंगाई, शिक्षा, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों के जरिए भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की। रैली ने पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति और राजनीतिक अभियान की दिशा के संकेत भी दिए।





