उत्तराखंड

कैलास मानसरोवर मार्ग खुला फंसे वाहन निकले

Kavita2
3 Sept 2026 4:04 PM IST
कैलास मानसरोवर मार्ग खुला फंसे वाहन निकले
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पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग गुरुवार को तीसरे दिन खोल दिया गया। मार्ग खुलने के बाद गूंजी, गंजी सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे वाहन अब धारचूला की ओर पहुंचने लगे हैं। लंबे समय से मार्ग बंद होने के कारण सीमांत क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित था और कई वाहन रास्ते में फंस गए थे।

मार्ग बंद होने के कारण जनगणना कार्य में लगी टीम भी धारचूला से आगे नहीं जा पा रही थी। रास्ता खुलने के बाद अब सरकारी और अन्य जरूरी कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दिन में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया। इसके बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। इससे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है।

मार्ग खुलने के बाद गस्कू से लेकर पांगला, मांगती, गर्बाधार और सिमखोला तक आवाजाही सामान्य होने लगी है। इसके अलावा चीन सीमा से लगे उच्च हिमालयी गांवों का संपर्क भी तहसील मुख्यालय धारचूला से फिर जुड़ गया है।

इन गांवों में बूंदी, गर्बयांग, नपलच्यु, गुंजी, नाबी, रोंगकोंग और कुटी शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लोगों के लिए यह मार्ग जीवनरेखा माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से जरूरी सामान, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य सुविधाएं पहुंचती हैं।

बारिश और भूस्खलन के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर बाधाएं आई थीं। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बंद होने के दौरान उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होती है और आपात स्थिति में लोगों को काफी परेशानी होती है।

मार्ग खुलने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। सड़क खुलने से अब सीमांत क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली में मदद मिलेगी। साथ ही जनगणना और अन्य सरकारी कार्य भी सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेंगे।

कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यह मार्ग चीन सीमा से लगे क्षेत्रों को जोड़ता है। इसलिए इस मार्ग का सुचारू रहना प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी जरूरी माना जाता है।

बीआरओ और संबंधित विभागों की टीमें लगातार मार्ग को सुचारू बनाए रखने के लिए काम करती हैं। बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने जैसी घटनाओं के कारण सड़कें अक्सर बाधित हो जाती हैं।

स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करें और संवेदनशील इलाकों में सावधानी बरतें।

वाहनों की आवाजाही शुरू होने से व्यापारियों और स्थानीय लोगों को भी राहत मिली है। सीमांत गांवों तक अब आवश्यक सामग्री पहुंचाने में आसानी होगी।

प्रशासन की प्राथमिकता है कि मार्ग को लंबे समय तक सुचारू रखा जाए, ताकि आने वाले दिनों में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

फिलहाल कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया है और फंसे हुए वाहन धीरे-धीरे अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। सीमांत क्षेत्रों का संपर्क दोबारा जुड़ने से स्थानीय लोगों में खुशी है।

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