उत्तराखंड

तेल संकट से थमी जमशेदपुर की रफ्तार, बंद हुए पंप

Saba Naaz
26 Jun 2026 2:47 PM IST
तेल संकट से थमी जमशेदपुर की रफ्तार, बंद हुए पंप
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जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत देखी जा रही है। ईंधन की सप्लाई चेन पूरी तरह ठप होने के कारण शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं, जिससे आम जनता और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों के संचालकों को तेल खत्म होने के कारण अपने काउंटरों पर ताले लटकाने पड़े हैं। ईंधन की तलाश में लोग दिनभर एक इलाके से दूसरे इलाके के चक्कर काटते नजर आए, जिससे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

कई इलाकों में पंप पड़े खाली, कहीं लगी लंबी कतारें

शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से आ रही खबरें जनता की परेशानी को साफ बयां कर रही हैं। सिदगोड़ा स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल पूरी तरह खत्म हो चुका है और वहां केवल डीजल की ही बिक्री हो रही है। वहीं, बर्मा माइंस स्थित पंप पर दिन के समय पेट्रोल और डीजल दोनों ही नदारद रहे, जिसके कारण पंप को बंद रखना पड़ा। बिष्टुपुर गोल चक्कर और कदमा के पेट्रोल पंपों पर भी कमोबेश यही स्थिति देखने को मिली, जहां या तो सन्नाटा पसरा रहा या फिर थोड़े बहुत उपलब्ध ईंधन के लिए लोग कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। इस पूरे संकट के बीच बिष्टुपुर के तिवारी बेचर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल दोनों उपलब्ध थे, जिसके कारण वहां अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी और वाहनों की कई किलोमीटर लंबी लाइन लग गई।

तेल की कमी नहीं, 'इथेनॉल ब्लेंडिंग पंप' की खराबी है असली वजह

प्रशासन और स्थानीय पेट्रोल पंप संचालकों ने स्पष्ट किया है कि यह संकट कच्चे तेल या ईंधन की कमी के कारण नहीं हुआ है। असल समस्या बोकारो डिपो में आई एक बड़ी तकनीकी खराबी है। सरकारी नियमों के तहत पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाया जाता है, जिसके लिए डिपो में 'ब्लेंडिंग पंप' (मिक्सिंग सिस्टम) का उपयोग होता है। बोकारो डिपो का यही मिक्सिंग पंप खराब हो गया है, जिससे पेट्रोल और इथेनॉल का संतुलन बिगड़ गया है। तकनीकी जानकारों के अनुसार, इथेनॉल में जरा सा भी मॉइस्चर (नमी या पानी) आने पर वह पानी के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया (केमिकल रिएक्शन) कर लेता है। भारी होने के कारण यह मिश्रण तेल की टंकी के नीचे बैठ जाता है। ब्लेंडिंग सही तरीके से न होने के कारण पेट्रोल और इथेनॉल अलग-अलग हो गए, जिसे शुरुआती तौर पर ग्राहकों ने पेट्रोल में पानी की मिलावट समझ लिया। डीलरों ने साफ किया है कि यह गड़बड़ी किसी पेट्रोल पंप के स्तर पर नहीं, बल्कि सीधे डिपो के मुख्य सिस्टम से हुई है।

गुणवत्ता जांच के बाद ही बहाल होगी सप्लाई

इस तकनीकी गड़बड़ी को देखते हुए पेट्रोल पंप डीलर्स और ट्रांसपोर्टर्स ने सुरक्षा के लिहाज से एक कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक डिपो से आने वाले ईंधन की गुणवत्ता (Quality) की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक वे तेल का उठाव नहीं करेंगे। डीलरों के इस फैसले के कारण सप्लाई चेन में दो दिनों का बड़ा गैप आ गया है। हालांकि, पंप संचालकों को उम्मीद है कि यदि बोकारो डिपो का मिक्सिंग पंप जल्द ठीक हो जाता है और गुणवत्ता जांच पूरी हो जाती है, तो अगले एक से दो दिनों के भीतर जमशेदपुर में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

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