उत्तराखंड

ढेला नदी का बढ़ा जलस्तर: नदी किनारे बसी कॉलोनियों का निरीक्षण कर कटान रोकने के दिए निर्देश

Admin Delhi 1
10 Oct 2022 2:22 PM GMT
ढेला नदी का बढ़ा जलस्तर: नदी किनारे बसी कॉलोनियों का निरीक्षण कर कटान रोकने के दिए निर्देश
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काशीपुर न्यूज़: तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से ढेला नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इस दौरान नदी किनारे बसी आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। एसडीएम ने तहसीलदार के साथ नदी किनारे बसी कॉलोनियों का निरीक्षण कर कटान रोकने के निर्देश दिए हैं। दरअसल तीन दिन से पर्वतीय व मैदानी क्षेत्रों में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। सोमवार की सुबह रामनगर बैराज में जलस्तर बढ़ गया। जिसके चलते रामनगर से ढेला बैराज नदी में सुबह 6 से 10 बजे तक 23368 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसके चलते ढेला नदी का जल स्तर बढ़ गया। नदी किनारे बसी महादेव कॉलोनी, ढेला बस्ती, रहमत नगर, मधुवन नगर, साकेत नगर, आकांक्षा गार्डन, बैलजूड़ी, पुष्पक विहार, बैंतवाला, नवलपुर आदि पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

तेज बहाव के कारण जगह-जगह भू-कटाव होने लगा है। अचानक नदी में पानी आने से नदी किनारे बसे लोगों की सांसे अटकी हुई है। साथ ही नदी किनारे बसी कॉलोनियों में ढेला नदी की तरफ नहीं जाने का अनाउंसमेंट के जरिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। नदी में जलस्तर बढने पर एसडीएम अभय प्रताप सिंह, तहसीलदार अक्षय प्रहलाद भटट ने लक्ष्मीपुर पट्टी स्थित ढेला नदी और कोसी नदी किनारे बसी बस्तियों और गांव का निरीक्षण कर लोगों को सचेत रहने के निर्देश दिए। इस दौरान पूर्व पार्षद अब्दुल कादिर ने प्रशासन को अवगत कराया कि अभी तक कॉलोनियों को परेशानी नहीं है, लेकिन जलस्तर बढ़ने से बस्तियों को बाढ़ का खतरा हो सकता है। काली बस्ती में एक नाले के माध्यम से नदी का पानी कॉलोनी में भर जाता है। जिससे बाढ़ का खतरा बना रहता है। जिस पर एसडीएम के निर्देश पर जेसीबी से मिट्टी भरान कराकर बंद कराया गया।

बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: काशीपुर। लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांव और कॉलोनियों में जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को ड्यूटी आने-जाने परेशानी झेलनी पड़ी। स्टेशन रोड, मेन बाजार में जलभराव होने और नाले उफान पर आने से वाहनों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

धान की फसल को 40-50 प्रतिशत नुकसान: काशीपुर। तीन दिन से लगातार बारिश होने से अन्नदाताओं की कमर तोड़ कर रख दी है। खेत में पानी जमा होने से धान और गन्ने की फसल गिर गई है। किसान अरुण शर्मा, मनप्रीत सिंह, रवींद्र सिंह राणा ने बताया कि किसानों को अब तक 40-50 प्रतिशत फसल का नुकसान हो चुका है। अब तो धान की पकी फसल दोबारा जमने लगी है। फसल खराब होने से धान का वाजिब दाम नहीं मिल पाएगा। धान काला पड़ने से चावल की गुणवत्ता प्रभावित होगी। चावल खराब होने से उचित मूल्य भी नहीं मिल पाएगा। जिससे किसानों को भारी नुकसान होने का अनुमान है। फसल बर्बाद होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। शीघ्र ही बारिश बंद नहीं होने से किसानों की पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है। प्रशासन फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाए।

रामनगर से ढेला नदी में सुबह 6 से 10 बजे तक 23668 क्यूसेक और फीका नदी में 12776 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 11 बजे तक ढेला नदी में जलस्तर कम होने पर 21000 क्यूसेक चल रहा है। अभी तक कोई नदी किनारे बसे लोगों को खतरा नहीं है। बारिश बंद नहीं होने पर रामनगर से पानी और छोड़े जाने की संभावना है। जल स्तर बढ़ने पर नदी किनारे बसे लोगों को खतरा हो सकता है। तुमड़िया डैम में 857 फुट पानी भरने की क्षमता है। अभी तक 843 फुट पानी भर चुका है।

-दीपक शर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग काशीपुर

कोसी नदी ग्राम अजीतपुर, परमानंदपुर, ढेला नदी ग्राम नवलपुर, लक्ष्मीपुर पट्टी की काली बस्ती, ढेला बस्ती को प्रभावित कर सकती है। निरीक्षण में अभी सब ठीक है। ढेला नदी का जलस्तर कम हो रहा है। काली बस्ती में एक नाला है जहां से पानी कॉलोनी में घुस जाता है। एहतियात के तौर पर जेसीबी से बंद कराया जा रहा है।

-अभय प्रताप सिंह, एसडीएम, काशीपुर

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