उत्तराखंड

उत्तराखंड में मौसम की ऐसी मार पुल टूटे-सड़कें बहीं, बारिश के बाद नदियां उफनाईं, बदरीनाथ यात्रा थमी

Sarita
1 Aug 2022 11:11 AM IST
In Uttarakhand, such weather bridges broke down, roads flowed, rivers swelled after rain, Badrinath Yatra stopped
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फाइल फोटो 

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश मुसीबत बनती जा रही है। बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश मुसीबत बनती जा रही है। बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं। पुल और सड़कें बह रहीं है, जिससे बदरीनाथ हाईवे सहित कई रूटों पर ट्रैफिक बाधित हो रहा है। चमोली जिले के दूरस्थ क्षेत्र निजमूला घाटी में अतिवृष्टि ने भारी तबाही मचा दी। तीन हजार की आबादी को जोड़ने वाले पुल वीर गंगा में बाढ़ की भेंट चढ़ गए।

उधर,लामबगड़ के पास खचड़ा नाला के उफान पर आने से बदरीनाथ यात्रा रोक दी गई। करीब 17 सौ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों में ठहराया गया है। जबकि, हरिद्वार में गंगा के उफनाने से भीमगोडा बैराज के गेट खोलने पड़े। चमोली के सप्तकुंड क्षेत्र में रविवार को भारी बारिश के बाद वीर गंगा में बाढ़ आ गई।
इससे निजमूला घाटी के इराणी, पाणा, भनाली, बोना गांव को जोड़ने वाला एक स्टील गार्डर पुल,एक झूला पुल व एक पुलिया बह गई। क्षेत्र में पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़कें बहने और पुल टूटने की वजह से ट्रैफिक बाधित हो रहा है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हरिद्वार में गंगा चेतावनी निशान तक पहुंची : हरिद्वार में रविवार दोपहर बाद गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान तक पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के बाद भीमगोडा बैराज के गेट खोल दिए। गंगातटीय इलाकों और बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
बदरीनाथ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका: बीआरओ के कमांडेंट मनीष कपिल ने बताया, रविवार दोपहर बाद लामबगड़ के पास खचड़ा नाला के उफान पर आने के बाद बीआरओ ने बदरीनाथ आ-जा रहे वाहनों में सवार करीब 17 सौ यात्रियों के रोक दिया। यात्रियों को बदरीनाथ, पांडुकेश्वर, गोविंदघाट और जोशीमठ में ठहराया गया है। उधर,कौड़ियाला से देवप्रयाग तक 30 किमी क्षेत्र में बदरीनाथ हाईवे रविवार को बार-बार बंद होता रहा। इससे देवप्रयाग व ऋषिकेश की ओर से आने वाले वाहनों को मलेथा-चाका-गजा मार्ग से भेजा जा रहा है।
कुमाऊं में भी मुश्किल : पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-सोबला मार्ग का 60 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया। जबकि, मुनस्यारी के तेरह माइग्रेशन गांवों को जोड़ने वाला मुनस्यारी-मिलम पैदल रास्ता भी बंद हो गया।
कैंपटी फॉल में लोगों की आवाजाही रोकी
मसूरी। रविवार को भारी बारिश के बाद प्रसिद्ध पर्यटक स्थल कैंपटी फॉल उफान पर आ गया। कैंपटी व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुंदर सिंह रावत ने बताया कि पानी बढ़ने पर आसपास की दुकानों को बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सतर्कता के चलते किसी को भी फॉल में नहीं जाने दिया जा रहा है। पानी के साथ लगातार आ रहे मलबे के बढ़ने से पूरा फॉल भर गया है।
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