
Uttarakhand उत्तराखंड : उत्तराखंड स्थित पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब में भारतीय सेना और गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट की एक संयुक्त टीम ने आज परिसर में पहुँचकर महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की। भारतीय सेना की 418 इंडिपेंडेंट फील्ड कंपनी (9 माउंटेन ब्रिगेड) के जवानों के साथ ट्रस्ट के सेवादार भी इस अभियान में शामिल हैं।
टीम ने गुरुद्वारा परिसर में पहुँचकर गुरु के समक्ष प्रार्थना की और इसके बाद परिसर के द्वार खोले गए, जिससे उन्हें अंदर से काम करने की अनुमति मिल गई। इससे पहले तक टीम को हर दिन कार्य समाप्त होने के बाद घंगरिया लौटना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें सीधे हेमकुंड साहिब से ही कार्य संचालन की सुविधा मिल गई है।
संयुक्त टीम अब हेमकुंड साहिब से नीचे की ओर स्थित अटलकोटी ग्लेशियर पॉइंट तक के मार्ग को चौड़ा करने और सुधारने का कार्य करेगी। इस काम का उद्देश्य तीर्थयात्रियों के लिए मार्ग को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है, ताकि कठिन हिमालयी परिस्थितियों में यात्रा आसान हो सके।
यह क्षेत्र ऊँचाई और बर्फीले वातावरण के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे में मार्ग सुधार कार्य यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में राहत कार्यों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारतीय सेना पिछले कई दशकों से हर वर्ष हेमकुंड साहिब क्षेत्र में इसी तरह के अभियान चलाती रही है। इन अभियानों के तहत बर्फ हटाने, रास्ते खोलने और तीर्थ मार्ग को यात्रा योग्य बनाए रखने का कार्य किया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा का मार्ग मिल सके।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने इस अवसर पर भारतीय सेना और सभी स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की और उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि सेना की यह सेवा तीर्थयात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने में अहम भूमिका निभाती है।





