उत्तराखंड
केदारनाथ धाम में जमकर बर्फबारी, सफेद चादर में लिपटा बाबा केदार का दरबार
Ratna Netam
30 Oct 2026 2:33 PM IST

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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार से शुरू हुआ बर्फबारी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। इस सीजन की पहली भारी बर्फबारी के बाद बाबा केदार का धाम बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है। मंदिर परिसर से लेकर आसपास की ऊंची पहाड़ियों तक बर्फ का मनमोहक नजारा दिखाई दे रहा है। वहीं, बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है और बड़ी संख्या में भक्त भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
केदारनाथ धाम में गुरुवार सुबह से ही मौसम खराब होने लगा था। आसमान में घने बादल छाए रहे और बारिश के साथ बर्फ की फुहारें गिरनी शुरू हो गईं। सुबह करीब नौ बजे बर्फबारी तेज हो गई। देखते ही देखते मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में बर्फ कीपरत दिखाई देने लगी। शुक्रवार को भी बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने से पूरे क्षेत्र में ठंड और बढ़ गई। मंदिर के आसपास की पहाड़ियां बर्फ से ढकने के बाद बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं।
बर्फबारी के बीच केदारनाथ धाम पहुंचे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु मंदिर और आसपास के बर्फीले नजारों को अपने मोबाइल फोन में कैद करते दिखाई दिए। हालांकि, अचानक बढ़ी ठंड ने तीर्थयात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं और बच्चों के लिए कम तापमान में यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, केदारनाथ में गुरुवार सुबह तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया था। बुधवार रात आठ बजे से गुरुवार सुबह आठ बजे के बीच करीब 0.4 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। इसके बाद भी क्षेत्र में हिमपात की गतिविधियां जारी रहीं। बर्फ के कारण कुछ स्थानों पर रास्तों में फिसलन बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील की है।
केदारनाथ के साथ-साथ उत्तराखंड के अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। गंगोत्री धाम में भी बर्फबारी हुई है, जबकि बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर हिमपात दर्ज किया गया। यमुनोत्री और आसपास के निचले क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ, गुप्तकाशी और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा बारिश से ठंड बढ़ गई है।
मौसम में अचानक आए बदलाव का असर चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं पर भी पड़ा है। खराब मौसम और बर्फबारी के कारण केदारनाथ में गुरुवार को हेलीकॉप्टर सेवाएं कुछ घंटों के लिए प्रभावित रहीं। पहाड़ी क्षेत्रों में बदलते मौसम को देखते हुए यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले ताजा मौसम संबंधी जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।
मौसम विभाग ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर के लिए नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पुलिस ने केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों को पर्याप्त गर्म कपड़े, ऊनी टोपी, दस्ताने, मोजे और गर्म जैकेट पहनने की सलाह दी गई है। साथ ही आवश्यक दवाइयां और पीने का पानी साथ रखने तथा लंबे समय तक अत्यधिक ठंड में नहीं रहने को कहा गया है। बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।
इस बीच केदारनाथ धाम की यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 11 नवंबर 2026 को शीतकाल के लिए मंदिर के कपाट बंद किए जाने हैं। कपाट बंद होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कमी नहीं दिखाई दे रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस यात्रा सीजन में अब तक 18.53 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। बुधवार को भी 8,376 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए थे। यह आंकड़ा धाम के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाता है। हालांकि, मौसम के बदलते स्वरूप के कारण प्रशासन यात्रियों को सावधानीपूर्वक यात्रा करने की सलाह दे रहा है।
केदारनाथ धाम समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। हिमालय की गोद में बसे इस पवित्र स्थल पर सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है। हर वर्ष शीतकाल में मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में की जाती है।
फिलहाल केदारनाथ धाम में बर्फबारी ने जहां प्रकृति की सुंदरता को नया रूप दिया है, वहीं बढ़ती ठंड और बदलते मौसम ने यात्रियों की चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचने वाले यात्रियों को विशेष रूप से बर्फीले और फिसलन भरे रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
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