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UK उत्तराखंड: कई जिलों में गुरुवार और शुक्रवार को हुई भारी बारिश और मलबे के बहाव ने जनजीवन और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है। रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और टिहरी जिलों में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं और कम से कम 11 लोग अभी भी लापता हैं। शुक्रवार तड़के रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार और जखोली क्षेत्र में बादल फटने जैसी आपदा सामने आई। अचानक आई भारी बारिश से कई गांवों में मलबा घुस गया। छेनागाड़ डूंगर, तालजामण, स्युर, जौला बड़ेथ, किमाणा और अरखुण्ड गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कई मकान और छानियां पूरी तरह ध्वस्त हो गईं, जबकि खेतों में खड़ी फसलें भी बह गईं।
गांव के लोगों ने बताया कि आधी रात के बाद मलबे और पानी का तेज बहाव हुआ, जिससे घरों की नींव तक हिल गई। कई पशु भी मलबे में दबकर मर गए। लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। इस आपदा में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं। रुद्रप्रयाग जिले के छेनागाड़ गांव से आठ लोग लापता हो गए, जिनमें एक वनकर्मी, तीन स्थानीय निवासी और चार नेपाल मूल के मजदूर शामिल हैं। वहीं, जखोली क्षेत्र में एक महिला की मौत की खबर है। इसके अलावा चमोली, बागेश्वर और टिहरी जिलों में भी अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान गई है।
प्रशासन ने बताया कि अब तक करीब 200 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। आपदा की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। स्थानीय पुलिस और ग्रामीण भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित गांवों में त्वरित राहत सामग्री भेजी जा रही है। लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया जा रहा है और आवश्यक खाद्य सामग्री, दवाइयां तथा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
भारी बारिश के कारण कई जगहों पर सड़कें और पुल बह गए हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है। वहीं खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं।
उत्तराखंड सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। आपदा प्रबंधन विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
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