उत्तराखंड

उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, 9 जिलों में अलर्ट जारी; कई जिलों में स्कूल बंद

Kavita2
28 July 2026 9:42 AM IST
उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, 9 जिलों में अलर्ट जारी; कई जिलों में स्कूल बंद
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देहरादून: देश के कई हिस्सों में जारी भारी बारिश का असर अब उत्तराखंड में भी दिखाई देने लगा है। प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो गया है। राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, आज देहरादून सहित प्रदेश के नौ जिलों में तेज बारिश की संभावना है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, उनमें देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल समेत अन्य जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

बारिश की तीव्रता को देखते हुए मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की आशंका भी जताई है। पहाड़ी क्षेत्रों में कम समय में अधिक बारिश होने से नदियों, नालों और गदेरों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

देहरादून में देर रात से जारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। लगातार बारिश के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे लोगों को परेशानी हुई। बिजली विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य करने के लिए काम कर रही हैं।

मौसम संबंधी चेतावनी को देखते हुए राज्य प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में आज स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। भारी बारिश और संभावित आपदाओं को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखें। आपदा प्रबंधन दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

उत्तराखंड में मानसून के दौरान हर साल भारी बारिश के कारण कई चुनौतियां सामने आती हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और नदी-नालों के उफान पर आने जैसी घटनाएं आम हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होती है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बादलों के एक स्थान पर केंद्रित होने के कारण कम समय में अत्यधिक बारिश हो सकती है। यही कारण है कि फ्लैश फ्लड जैसे हालात बनने का खतरा बना रहता है। लोगों को नदी किनारे जाने, कमजोर पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए राहत दलों को तैयार रखा है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

मौसम विभाग ने अगले कुछ समय तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

फिलहाल उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारी बारिश के बीच सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखना है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख कैसा रहता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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