उत्तराखंड
ED कार्रवाई पर बोले हरीश रावत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Ratna Netam
27 Sept 2026 6:40 PM IST

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देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से मिले समन को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। रावत ने रविवार को कहा कि राज्य विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी में चुनावी घबराहट है और इसी वजह से उन्हें ED का समन भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है।हरीश रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव कुछ मीठा, कुछ रोमांचक और कुछ निराशाजनक रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले को केवल व्यक्तिगत मुद्दा नहीं बताते हुए इसे देश और समाज से जुड़ी चिंता बताया।
रावत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर सरकारें बदले की भावना से काम करेंगी तो देश कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें ED ने नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार और चुनावी घबराहट ने यहां बुलाया है। उन्होंने कहा कि वह इन परिस्थितियों का सामना करेंगे।पूर्व मुख्यमंत्री ने ED की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए एजेंसी का धन्यवाद भी किया और बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के कारण उन्हें देहरादून आने का मौका मिला है और अब आगे की स्थिति देखी जाएगी।
यह पूरा मामला उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वर्ष 2016 की VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। इस मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।जांच एजेंसी ने हरीश रावत के निजी सहायक चंदन सिंह जीना से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। ED की ओर से तलाशी के दौरान बिना हिसाब-किताब वाली करीब 32 लाख रुपये की नकदी, सोना और महंगी घड़ियां बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। हरीश रावत ने इस कार्रवाई को चुनावी माहौल से जोड़ते हुए बीजेपी पर आरोप लगाए हैं। वहीं यह कार्रवाई परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है।UKSSSC VPDO परीक्षा वर्ष 2016 में आयोजित हुई थी। इस परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर लंबे समय से जांच चल रही है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े लोगों और संभावित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं।
ED की तलाशी कार्रवाई के दौरान बरामद सामान को लेकर एजेंसी ने अपनी जानकारी साझा की है। हालांकि, इस मामले में आगे की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।हरीश रावत ने अपने बयान में सरकारों की कार्यप्रणाली और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं का निष्पक्ष तरीके से काम करना जरूरी है।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस मामले का सामना करेंगे और अपनी बात रखते रहेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी संयम बनाए रखने का संदेश दिया।
इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता जहां इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर बीजेपी की ओर से अलग रुख सामने आ सकता है।फिलहाल ED की जांच 2016 UKSSSC VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े संभावित वित्तीय मामलों पर केंद्रित है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों, संपत्तियों और लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
हरीश रावत उत्तराखंड के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल रहे हैं। वह राज्य के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती है। ऐसे में उनके नाम से जुड़ी जांच को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।उन्होंने कहा कि वह किसी भी जांच से पीछे नहीं हटेंगे और परिस्थितियों का सामना करेंगे। वहीं ED की कार्रवाई के बाद अब आगे की जांच और उससे जुड़े तथ्यों पर सभी की नजर बनी हुई है।कुल मिलाकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को ED समन और उनके निजी सहायक से जुड़े ठिकानों पर तलाशी के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। रावत ने इसे चुनावी घबराहट से जोड़ते हुए बीजेपी पर आरोप लगाए हैं, जबकि ED की कार्रवाई 2016 UKSSSC VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है। मामले में जांच आगे जारी है।
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