उत्तराखंड

जनसंवाद यात्रा पर हाईकमान के सामने पक्ष रखने दिल्ली पहुंचे हरीश रावत

Kavita2
9 Oct 2026 9:24 AM IST
जनसंवाद यात्रा पर हाईकमान के सामने पक्ष रखने दिल्ली पहुंचे हरीश रावत
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देहरादून। उत्तराखंड में जनसंवाद यात्रा को लेकर कांग्रेस हाईकमान के सामने अपना पक्ष रखने दिल्ली पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को गुरुवार को पूरे दिन इंतजार करना पड़ा। हरीश रावत बुधवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेताओं से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग को लेकर जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर व्यस्त रहे। इसी वजह से हरीश रावत को मुलाकात का समय नहीं मिल पाया। अब उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार को उनकी मुलाकात उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी सैलजा से हो सकती है।

हरीश रावत के दिल्ली पहुंचने को उत्तराखंड में जनसंवाद यात्रा से जुड़े घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह इस यात्रा को लेकर पार्टी हाईकमान के सामने अपना पक्ष रखना चाहते हैं। हालांकि, गुरुवार को उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। ऐसे में अब सबकी नजर शुक्रवार को होने वाली संभावित बैठक पर टिकी है।

जनसंवाद यात्रा को लेकर हाईकमान के सामने रखना है पक्ष

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जनसंवाद यात्रा को लेकर पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से वह बुधवार को दिल्ली पहुंचे थे। उम्मीद थी कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर वह यात्रा से संबंधित अपना पक्ष रखेंगे और इस विषय पर चर्चा करेंगे।

हालांकि, गुरुवार को उनका पूरा दिन मुलाकात के इंतजार में बीत गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेता चुनाव आयोग को लेकर जारी गतिरोध के कारण व्यस्त रहे। इस वजह से हरीश रावत के साथ बैठक के लिए समय निर्धारित नहीं हो पाया।

राजनीतिक दलों में महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और संगठन से जुड़े मामलों पर शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा को अहम माना जाता है। जनसंवाद यात्रा को लेकर हरीश रावत की प्रस्तावित मुलाकात भी इसी संदर्भ में देखी जा रही है। फिलहाल, उनके पक्ष और हाईकमान के साथ होने वाली संभावित चर्चा के विवरण सामने नहीं आए हैं।

चुनाव आयोग के मुद्दे पर व्यस्त रहे शीर्ष नेता

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चुनाव आयोग को लेकर जारी गतिरोध के बीच व्यस्त हैं। इसी कारण हरीश रावत को गुरुवार को मुलाकात का समय नहीं मिल सका। वह बुधवार को दिल्ली पहुंच गए थे, लेकिन अगले दिन भी बैठक नहीं हो पाई।

इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि पार्टी नेतृत्व की व्यस्तता के चलते हरीश रावत की मुलाकात टल गई। हालांकि, उनकी ओर से इस मामले में किसी तरह की नाराजगी या अन्य प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए मुलाकात में देरी को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की व्यस्तता के बीच अब शुक्रवार को बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। यदि मुलाकात होती है, तो जनसंवाद यात्रा को लेकर हरीश रावत अपना पक्ष रख सकते हैं।

शुक्रवार को सैलजा से मुलाकात की उम्मीद

हरीश रावत की मुलाकात को लेकर अब शुक्रवार की तारीख पर नजर है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उम्मीद है कि शुक्रवार को उनकी मुलाकात प्रदेश प्रभारी सैलजा से हो सकती है। हालांकि, मुलाकात का समय और बैठक का अंतिम कार्यक्रम अभी निश्चित होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

हरीश रावत के लिए यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वह उत्तराखंड में जनसंवाद यात्रा को लेकर हाईकमान के सामने अपना पक्ष रखना चाहते हैं। प्रदेश प्रभारी के साथ संभावित चर्चा में यात्रा से संबंधित विषयों पर बात हो सकती है। लेकिन बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी और उससे क्या निष्कर्ष निकलेंगे, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

गुरुवार को मुलाकात नहीं हो पाने के बाद अब शुक्रवार की संभावित बैठक को लेकर इंतजार बढ़ गया है। हरीश रावत की ओर से इस यात्रा के संबंध में हाईकमान के सामने पक्ष रखने की तैयारी के बीच पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत पर ध्यान दिया जा रहा है।

उत्तराखंड की राजनीति में मुलाकात पर नजर

उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की गतिविधियां महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। जनसंवाद यात्रा को लेकर हाईकमान से चर्चा करने के लिए उनका दिल्ली पहुंचना भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार, उनकी दिल्ली यात्रा का उद्देश्य जनसंवाद यात्रा पर अपना पक्ष रखना है।

बुधवार को दिल्ली पहुंचने के बाद गुरुवार को मुलाकात नहीं हो सकी। पार्टी सूत्रों ने इसकी वजह शीर्ष नेताओं की व्यस्तता बताई है। अब शुक्रवार को प्रदेश प्रभारी सैलजा से मुलाकात होने की संभावना है।

फिलहाल, हरीश रावत की हाईकमान के साथ बैठक नहीं हो पाई है और शुक्रवार की संभावित मुलाकात को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। बैठक होने पर जनसंवाद यात्रा को लेकर उनकी बात सुनी जा सकती है। हालांकि, मुलाकात की पुष्टि और उसके नतीजों के बारे में अंतिम जानकारी सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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