उत्तराखंड

हरिद्वार को मिलेगा दूसरा मेडिकल कॉलेज, धामी कैबिनेट ने 10 एकड़ जमीन के प्रस्ताव को दी मंजूरी

Kavita2
12 Oct 2026 2:21 PM IST
हरिद्वार को मिलेगा दूसरा मेडिकल कॉलेज, धामी कैबिनेट ने 10 एकड़ जमीन के प्रस्ताव को दी मंजूरी
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हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) के माध्यम से दूसरा मेडिकल कॉलेज संचालित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक के दौरान इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि नए मेडिकल कॉलेज के संचालन से जिले में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है।

हरिद्वार में पहले से एक मेडिकल कॉलेज संचालित है। अब ईएसआई के माध्यम से दूसरे मेडिकल कॉलेज की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार का यह फैसला जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण की समयसीमा, कुल लागत और शैक्षणिक सत्र शुरू होने की तारीख के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट बैठक के दौरान हरिद्वार में दूसरे मेडिकल कॉलेज की योजना के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा के माध्यम से मेडिकल कॉलेज संचालित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के सामने रखा गया था।

कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

इस निर्णय के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज के लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है।

हालांकि, भूमि का सटीक स्थान और हस्तांतरण की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

हरिद्वार में पहले से संचालित है एक मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि हरिद्वार में पहले से एक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहा है।

अब जिले में दूसरा मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना है।

इससे हरिद्वार में चिकित्सा शिक्षा के संस्थानों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

मेडिकल कॉलेज केवल चिकित्सकों की पढ़ाई के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि इनके साथ जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाएं भी मरीजों के उपचार में भूमिका निभाती हैं।

हालांकि, प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में कितनी एमबीबीएस सीटें होंगी और कौन-कौन से विभाग संचालित किए जाएंगे, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

इन विषयों पर आगे संबंधित संस्थाओं और विभागों के स्तर पर निर्णय लिए जाने की आवश्यकता होगी।

ईएसआई के माध्यम से होगा संचालन

हरिद्वार में प्रस्तावित दूसरे मेडिकल कॉलेज को कर्मचारी राज्य बीमा यानी ईएसआई के माध्यम से संचालित करने की योजना है।

ईएसआई व्यवस्था संगठित क्षेत्र के पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा तथा स्वास्थ्य संबंधी लाभ उपलब्ध कराने से जुड़ी है।

ईएसआई से संबंधित चिकित्सा संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा दोनों क्षेत्रों में भूमिका निभा सकते हैं।

हरिद्वार में इसी व्यवस्था के माध्यम से मेडिकल कॉलेज संचालित करने का प्रस्ताव सामने आया है।

हालांकि, प्रस्तावित संस्थान की प्रशासनिक संरचना, अस्पताल की क्षमता और चिकित्सा सेवाओं की पात्रता संबंधी शर्तों का विस्तृत विवरण अभी जारी नहीं किया गया है।

10 एकड़ जमीन से आगे बढ़ेगी योजना

किसी भी नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है।

कैबिनेट द्वारा 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने से हरिद्वार में दूसरे मेडिकल कॉलेज की योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है।

अब परियोजना के अगले चरणों में भूमि से संबंधित औपचारिकताओं और अन्य आवश्यक स्वीकृतियों का महत्व रहेगा।

मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए भवन, शैक्षणिक सुविधाएं, अस्पताल, प्रयोगशालाएं और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।

हालांकि, इन सुविधाओं के निर्माण और विकास को लेकर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक योजना उपलब्ध नहीं है।

इसलिए फिलहाल कैबिनेट की मंजूरी को भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव तक सीमित निर्णय के रूप में देखा जाना चाहिए।

चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की उम्मीद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ईएसआई के माध्यम से मेडिकल कॉलेज संचालित होने से जिले में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की उम्मीद है।

मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में उच्च शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

ऐसे संस्थान भविष्य के चिकित्सकों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि हरिद्वार में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर संचालित होता है, तो चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।

हालांकि, विद्यार्थियों के प्रवेश, पाठ्यक्रम और सीटों की संख्या से संबंधित विवरण अभी सामने नहीं आया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिल सकती है मजबूती

नए मेडिकल कॉलेज की योजना का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार है।

मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में सामान्य उपचार के साथ विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो सकती है।

इस प्रकार के संस्थानों से मरीजों को उपचार के अधिक विकल्प मिल सकते हैं।

हरिद्वार में दूसरे मेडिकल कॉलेज के संचालन से जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।

हालांकि, प्रस्तावित कॉलेज से जुड़े अस्पताल में कितने बिस्तर होंगे और किन बीमारियों के उपचार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, इसका विवरण अभी घोषित नहीं किया गया है।

स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना

हरिद्वार जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार स्थानीय निवासियों के लिए महत्वपूर्ण विषय है।

जिले में एक और मेडिकल कॉलेज संचालित होने से भविष्य में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा प्रशिक्षण और अस्पताल संबंधी सुविधाओं का विकास किसी भी क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक हो सकता है।

हालांकि, प्रस्तावित कॉलेज के वास्तविक लाभ उसकी स्थापना, उपलब्ध संसाधनों और संचालन व्यवस्था पर निर्भर करेंगे।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मेडिकल कॉलेज कब तक तैयार होगा और मरीजों के लिए सेवाएं कब शुरू होंगी।

सरकार के फैसले से बढ़ीं उम्मीदें

हरिद्वार में दूसरे मेडिकल कॉलेज की योजना को लेकर कैबिनेट की मंजूरी के बाद चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस निर्णय को जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जोड़ा है।

भूमि उपलब्ध कराने की मंजूरी परियोजना के शुरुआती महत्वपूर्ण चरणों में शामिल है।

इसके बाद संस्थान की स्थापना से संबंधित आवश्यक प्रशासनिक, वित्तीय और नियामकीय प्रक्रियाओं का पूरा होना जरूरी होगा।

मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू होने से पहले संबंधित मानकों और स्वीकृतियों का पालन भी आवश्यक रहेगा।

निर्माण और संचालन की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं

कैबिनेट ने 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जुड़ी कई जानकारियां अभी सामने आनी बाकी हैं।

इनमें परियोजना की अनुमानित लागत, निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख और संचालन की समयसीमा शामिल हैं।

इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध होने वाली शैक्षणिक सीटों और अस्पताल की क्षमता को लेकर भी आधिकारिक विवरण की प्रतीक्षा है।

इन जानकारियों के सामने आने के बाद परियोजना की वास्तविक रूपरेखा अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

हरिद्वार में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में हरिद्वार के लिए लिया गया यह निर्णय स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है।

जिले में पहले से एक मेडिकल कॉलेज संचालित है और अब ईएसआई के माध्यम से दूसरा मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना बनाई गई है।

इसके लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि इस परियोजना से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार मिलेगा।

अब परियोजना के अगले चरणों और मेडिकल कॉलेज के संचालन से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रहेगी।

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