उत्तराखंड

Haridwar: गुरुद्वारों में अरदास और कीर्तन के साथ मनाई गई सावन संक्रांति

Admindelhi1
18 July 2026 1:01 PM IST
Haridwar: गुरुद्वारों में अरदास और कीर्तन के साथ मनाई गई सावन संक्रांति
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सावन संक्रांति पर भाई तारु सिंह के बलिदान को किया नमन

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के विभिन्न गुरुद्वारों में शुक्रवार को सावन संक्रांति और महान सिख शहीद भाई तारु सिंह का शहीदी दिवस श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारों में पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेककर अरदास की तथा गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुद्वारों में आयोजित शब्द कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

निर्मल विरक्त कुटिया ऐतिहासिक गुरुद्वारे में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबा पंडत ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से गुरु घर पहुंचकर नाम सिमरन करना चाहिए तथा सेवा भाव से समाज की भलाई में योगदान देना चाहिए।

निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में आयोजित दीवान के दौरान हरजीत कौर, सरबजीत कौर, जसप्रीत कौर, सीरत कौर, पूजा और ज्ञानी पंकज सिंह ने शब्द कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को आध्यात्मिक आनंद से विभोर कर दिया।

इस अवसर पर संत जगजीत सिंह शास्त्री ने सावन संक्रांति के धार्मिक महत्व और भाई तारु सिंह के जीवन एवं बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी शहादत सिख इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि मात्र 25 वर्ष की आयु में भाई तारु सिंह ने धर्म और आस्था की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया तथा जीवन के अंतिम क्षण तक प्रभु का सिमरन और अपने सिद्धांतों का त्याग नहीं किया। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में अपनिंदर कौर, कुलदीप सिंह, सुखदेव सिंह, गुरजंट सिंह, रौनक सिंह, रमणीक सिंह, प्रीतम सिंह, मनप्रीत सिंह, हरजोत सिंह, सिमरनजीत सिंह, रणजीत सिंह, लाहौरी सिंह, सतपाल सिंह चौहान, मालक सिंह, हरविंदर सिंह भाटिया, कुलवंत सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।

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