
Uttarakhand उत्तराखंड : हरिद्वार (उत्तराखंड) प्रशासन ने 2027 में होने वाले अर्धकुंभ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए शहर में मीट की दुकानों को बाहर शिफ्ट करने की योजना बनाई है। प्रशासन का उद्देश्य केवल धार्मिक माहौल और श्रद्धालुओं के अनुभव को सुरक्षित रखना नहीं है, बल्कि स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और नगर प्रबंधन में सुधार करना भी है।
कब हुआ / कब लागू होगा: प्रस्ताव को 6 अप्रैल 2026 को नगर निगम बोर्ड की बैठक में पेश किया जाएगा। यदि मंज़ूरी मिलती है, तो मीट की दुकानों का स्थानांतरण सराय़ गांव में किया जाएगा।
कहाँ: हरिद्वार शहर, उत्तराखंड। वर्तमान में दुकानों का विस्तार शहर के विभिन्न हिस्सों में है, लेकिन प्रस्तावित स्थानांतरण से धार्मिक स्थलों के आसपास के 5 किमी के दायरे को मीट बिक्री से मुक्त रखा जाएगा।
कैसे होगा: नगर निगम और स्थानीय प्रशासन दुकानों के मालिकों को निर्देश देगा कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी दुकानों को नए स्थान पर शिफ्ट करें। यदि कोई दुकान नियम का पालन नहीं करती है, तो अनधिकृत बिक्री पर जुर्माना और कार्रवाई की जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण:
धार्मिक माहौल: हर की पैड़ी और अन्य कुंभ स्थलों के आसपास मीट की दुकानों को हटाने से श्रद्धालुओं के धार्मिक अनुभव को सम्मान मिलेगा।
स्वच्छता और स्वास्थ्य: मीट दुकानों का शहर से बाहर स्थानांतरण कचरा, बदबू और आवारा कुत्तों की समस्या को कम करेगा।
नगर प्रबंधन: इससे शहर में भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण संभव होगा।
सांस्कृतिक-सामाजिक असर: शहरवासियों और व्यापारियों के लिए बदलाव चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन लम्बी अवधि में शहर की सफाई और धार्मिक पर्यटन के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
इस तरह हरिद्वार प्रशासन का यह कदम धार्मिक आयोजन और शहरी प्रबंधन दोनों को संतुलित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।





