Haridwar: गौरव लॉज में भीषण आग, सीढ़ियों से किया गया यात्रियों का रेस्क्यू,
हरिद्वार: हरिद्वार के हृदय स्थल हर की पैड़ी के सामने शुक्रवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब वहां स्थित गौरव लॉज में अचानक आग लग गई। घटना के वक्त लॉज में निर्जला एकादशी स्नान पर्व के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु और यात्री ठहरे हुए थे। आग की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे, और पुलिस-प्रशासन को तत्काल स्थिति संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
आग ने अचानक लिया विकराल रूप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे गौरव लॉज के ऊपरी मंजिल पर अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और लॉज की ऊपरी मंजिलें धुएं से भर गईं। लॉज में ठहरे यात्रियों को जब आग का आभास हुआ तो भगदड़ की स्थिति बन गई। लोग खिड़कियों से झांकते नजर आए और मदद की गुहार लगाने लगे।
सीढ़ी लगाकर किया गया रेस्क्यू
आग की सूचना मिलते ही हरिद्वार पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थानीय व्यापारियों की मदद से सड़क पर सीढ़ी लगाकर ऊपरी मंजिल पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारना शुरू किया। पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से किया गया ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।
स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू में भरपूर मदद की। कई व्यापारियों ने अपने दुकानों से बाल्टी, रस्सी और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई। मौके पर खड़े लोग एक-दूसरे को सहारा देते हुए घबराए यात्रियों को ढांढस बंधाते रहे।
दमकल विभाग की तत्परता से बुझी आग
हरिद्वार फायर स्टेशन से दमकल की तीन गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईं। फायरमैनों ने लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लॉज की ऊपरी मंजिल पर लगी आग से छत और कमरे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
दमकल अधिकारी ने बताया कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही सटीक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
लॉग में ठहरे थे तीर्थ यात्री
निर्जला एकादशी के मौके पर हरिद्वार में लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजन हेतु पहुंचे थे। हर की पैड़ी के आसपास के लॉज और धर्मशालाएं पूरी तरह भरी हुई थीं। गौरव लॉज में भी 50 से अधिक यात्री उस समय ठहरे हुए थे। सौभाग्यवश समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना की भयावहता को देखकर कई यात्री घबरा गए और कुछ की तबीयत भी बिगड़ गई। मेडिकल टीम द्वारा मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।
पुलिस को करना पड़ा ट्रैफिक नियंत्रित
आग की खबर फैलते ही हर की पैड़ी के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों की भीड़ और दमकल गाड़ियों की आवाजाही के कारण कुछ देर के लिए मुख्य मार्ग पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिसकर्मियों को यातायात को सुचारू करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन लॉज की इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही शहर के अन्य होटलों और लॉज की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया है।
जिलाधिकारी का कहना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी होटलों और लॉज में फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस
घटना के दौरान स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जिस तरह से तत्परता और मानवता दिखाई, उसकी प्रशंसा की जा रही है। कई लोग बिना किसी डर के धुएं में घुसकर यात्रियों को बाहर निकालने में मदद करते नजर आए।
यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि आपदा की घड़ी में स्थानीय समाज किस तरह एकजुट होकर काम कर सकता है।
मौके पर भावुक हो गए कई यात्री
घटना के बाद लॉज से निकाले गए कई तीर्थ यात्री भावुक हो गए। उनमें से कुछ ने कहा कि अगर कुछ देर और होती तो शायद उनकी जान खतरे में पड़ सकती थी।
गुजरात से आए एक परिवार ने बताया कि जब आग लगी, तो वह तीसरी मंजिल पर थे और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। लेकिन स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
हरिद्वार के गौरव लॉज में लगी आग भले ही एक भयावह अनुभव रही हो, लेकिन प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोगों की सामूहिक तत्परता से इसे एक बड़ी त्रासदी बनने से बचा लिया गया। यह घटना हर उस संस्थान और प्रशासनिक इकाई के लिए चेतावनी है जो भीड़-भाड़ वाले धार्मिक स्थलों के आसपास संचालित होते हैं। समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाना अब और भी जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





