Haridwar: श्रद्धा और भक्ति के साथ हरिद्वार में मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व

हरिद्वार: आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर देवभूमि हरिद्वार में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। गंगा तट से लेकर प्रमुख अखाड़ों और आश्रमों तक दिनभर धार्मिक आयोजन हुए। हजारों श्रद्धालुओं ने संतों का पूजन कर आशीर्वाद लिया और गुरु दीक्षा ग्रहण की।
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज के कनखल स्थित हरिहर आश्रम में विशेष सत्संग का आयोजन हुआ। देश विदेश से पधारे अपने अनुयायियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा आत्मविश्लेषण और आत्मशुद्धि का दिन है। गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला सेतु है। आज का युवा यदि गुरु के बताए मार्ग पर चले तो समाज में संस्कार, अनुशासन और सेवा की भावना स्वतः विकसित होगी।
पतंजलि योगपीठ में योग गुरु स्वामी रामदेव ने हजारों साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा हमें भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा से जोड़ने का पर्व है। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी ही भारत को विश्वगुरु बनाएंगे। बाबा रामदेव ने सभी को रोजाना योग-प्राणायाम करने, स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया। इस अवसर आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण के सानिध्य में सामूहिक वैदिक हवन भी हुआ।
निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य
महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी के दक्षिण काली मंदिर स्थित आश्रम मैं भी बड़ी संख्या में भक्तों का समागम हुआ स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति गुरु-शिष्य परंपरा के बल पर ही जीवित है। गुरु ही शिष्य के जीवन को दिशा देता है। मंदिर में सैकड़ों शिष्यों ने पाद्य पूजन कर गुरु दक्षिणा अर्पित की।
प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में
महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज के नेतृत्व में ध्यान शिविर लगा। स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि तन की शुद्धि के बिना मन की शुद्धि संभव नहीं। साधना और ध्यान से ही साधक गुरु तत्व को आत्मसात कर सकता है।
कनखल स्थित रामेश्वरम आश्रम में भी गुरु पूर्णिमा पर्व पर वैदिक मंत्र गुंजायमान हुए। रामेश्वरम आश्रम के स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला है। श्रद्धा और समर्पण के बिना गुरु कृपा नहीं मिलती।
गरीबदासिय संप्रदायाचार्य स्वामी रवि देव शास्त्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। आश्रम में 108 दीपों का महायज्ञ हुआ और गरीबों को वस्त्र-भोजन वितरित किया गया। गुरु पूर्णिमा पर्व पर हरिद्वार के विभिन्न आश्रमों तथा सभी 13 अखाड़े के प्रांगण में भी हर्ष, उत्साह और भक्ति के साथ गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया।
गुरु पूर्णिमा पर्व पर दूरस्थ स्थानों से हरिद्वार पधारे श्रद्धालुओं ने हर की पैड़ी सहित अन्य घाटों पर पवित्र गंगा में स्नान किया और सायंकाल हरकी पैड़ी पर ब्रह्मकुंड में दीपदान किया। तीर्थ पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सामूहिक गंगा आरती हुई। श्रद्धालुओं ने मां गंगा से विश्व शांति और गुरु कृपा की कामना की।
प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी-ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई थी।





