Haridwar: नगर आयुक्त से मिले पार्षद, ज्ञापन सौंपकर रखीं अपनी बातें

हरिद्वार: नगर निगम पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर कई गुना बढें गृहकर को वापस लेने की मांग की है।
पार्षदों के कहना है कि वर्ष 2021-22 जीआईएस आधारित संपत्ति सर्वेक्षण करवाकर डाटा एकत्रित कर नगर निगम गृह कर को ऑनलाइन किये जाने व जिन क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा गृह कर नहीं लगाया गया था वहां गृहकर लगाया जाना शामिल था किंतु संपत्ति सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण कर नगर निगम ने सभी 60 वार्डों में सभी नागरिकों को एक नोटिस दिया जा रहा है, जिसमें 15 दिवस का समय दिया है कि वह अपनी आपत्ति नगर निगम में दर्ज करें अन्यथा बढ़ा हुआ गृह कर वसूला जाएगा।
आज पार्षद अनिल वशिष्ठ के नेतृत्व में कई पार्षदों ने एक ज्ञापन नगर आयुक्त को सौंप कर कहा कि वार्ड स्तर से सभी पार्षदों को इसकी पूर्ण जानकारी होनी चाहिए व इसके लिए कैंप लगाए जाएं। जो 300 से लेकर 400 प्रतिशत तक टैक्स बढ़ाने का काम नगर निगम द्वारा किया जा रहा है, उसे तत्काल समाप्त किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि जिन क्षेत्रों में नगर निगम गृह कर नहीं लगा है उन क्षेत्रों में गृहकर लगाए जाने का कार्य सुगमता पूर्व एक्ट 1959 के तहत किया जाए ना कि किसी सर्वे कंपनी के अनुसार लागू किया जाना चाहिए। नगर आयुक्त से मांग की कि शीघ्र इस विषय में मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से स्पष्टीकरण प्रकाशित कर जनता में फैलाए जा रहे भ्रम को समाप्त किया जाए।
ज्ञापन में पार्षद सचिन कुमार, सूर्यकांत शर्मा दीपक शर्मा, ललित रावत, सपना शर्मा, गुलशन शर्मा, नागेंद्र राणा, अनिल कुमार, सचिन अग्रवाल, पिंकी चौधरी, रानी, परविंदर गिल आदि के हस्नताक्षर हैं।





