Haridwar: हरिद्वार में नशे के खिलाफ अभियान, छात्रों को किया जाएगा जागरूक

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास गतिविधियों को मजबूत करने तथा जनजागरूकता अभियान तेज करने का निर्णय लिया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को एनसीओआरडी (नार्को-कोऑर्डिनेशन) समिति की बैठक में इस संबंध में विभिन्न विभागों की तैयारियों और कार्रवाई की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत कई मामलों में कार्रवाई करते हुए स्मैक, चरस, गांजा तथा प्रतिबंधित दवाओं सहित विभिन्न मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री में शामिल लोगों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में औषधि निरीक्षक को नारकोटिक्स एवं साइकोट्रॉपिक दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनपद के सभी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशासन ने निर्णय लिया कि सीबीएसई, आईसीएसई सहित सभी विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत ग्राम पंचायतों, शहरी क्षेत्रों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी।
बैठक में एसपी ट्रैफिक निशा यादव, सीओ सदर संजय शर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह, एक्साइज इंस्पेक्टर दर्शन सिंह, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी दीपक कुमार, इंस्पेक्टर शांति कुमार गंगवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।





